‘100 करोड़ फीस’ लेने वाले प्रशांत किशोर कितनी संपत्ति के हैं मालिक? जानें कैसे कमाते हैं करोड़ों

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
जन सुराज पार्टी के संस्थापक और जाने-माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने रोहतास जिले की करगहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा की है। उनके इस कदम के बाद से ही उनकी संपत्ति और आय को लेकर एक बार फिर से चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशांत किशोर खुद कई बार यह स्वीकार कर चुके हैं कि वह किसी बड़े नेता या पार्टी को चुनावी रणनीति बनाने की सलाह देने के लिए 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की फीस लेते थे।

प्रशांत किशोर ने 2024 में दिए अपने एक भाषण में कहा था, “प्रशांत किशोर का बनाया हुआ 10 राज्यों में सरकार चल रहा है। अब अगर मैं किसी को सलाह दूं और उसके लिए 100 करोड़ फीस लूं, तो इसमें गलत क्या है? हम 2 साल तक बिहार में अपना अभियान चलाएंगे और उसका खर्च केवल एक चुनाव में दी गई सलाह से निकल जाएगा।”

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प्रशांत किशोर, भारतीय राजनीतिक रणनीति के क्षेत्र में एक बड़ा नाम हैं। उन्हें चुनावी प्रचार में अपने नए और अभिनव तरीकों के लिए जाना जाता है, जिन्होंने आधुनिक भारतीय राजनीति के स्वरूप को एक नई दिशा दी है। उनकी विशेषज्ञता डिजिटल कैंपेनिंग, डेटा एनालिटिक्स और रणनीतिक पहुंच जैसे कई क्षेत्रों में फैली हुई है, और यही कारण है कि वे देश के सबसे अधिक मांग वाले राजनीतिक सलाहकारों में से एक माने जाते हैं। उनके करियर में कई हाई-प्रोफाइल चुनाव शामिल हैं, जहां उन्होंने लगातार सफलता हासिल की है। यह सफलता उनकी वित्तीय स्थिति को भी मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण रही है।

राजनीतिक परामर्श में कदम रखने से पहले, प्रशांत किशोर की पृष्ठभूमि जन स्वास्थ्य से जुड़ी हुई थी। इस अनुभव ने उन्हें लोगों की समस्याओं और जरूरतों को राजनीतिक अभियानों के माध्यम से संबोधित करने का एक अलग और व्यावहारिक दृष्टिकोण दिया। उन्होंने जन स्वास्थ्य से राजनीति की ओर इसलिए रुख किया, क्योंकि उनका मानना था कि शासन व्यवस्था में बदलाव लाने का सबसे बड़ा रास्ता चुनावी सफलता है।

एक वेबसाइट (prashantkishore.com) के अनुसार, वर्ष 2025 तक प्रशांत किशोर की कुल संपत्ति 45 करोड़ रुपये से 60 करोड़ रुपये (लगभग $6-8 मिलियन USD) के बीच अनुमानित है। हालांकि, ये संभावित आंकड़े हैं और चुनाव लड़ने पर उन्हें अपने हलफनामे में अपनी संपत्ति का खुलासा करना होगा।

उनकी कमाई के मुख्य स्रोत इस प्रकार हैं:

  1. पॉलिटिकल कैंपेन मैनेजमेंट: किसी भी बड़े चुनाव अभियान को संभालने के लिए वह 8 से 10 करोड़ रुपये तक चार्ज करते हैं।
  2. कंसल्टेंसी और एडवाइजरी: वह पार्टियों को रणनीति बनाने, नीतियों को तैयार करने और मतदाताओं तक पहुंचने के तरीकों पर सलाह देते हैं।
  3. I-PAC (Indian Political Action Committee): प्रशांत किशोर द्वारा स्थापित I-PAC देश की सबसे बड़ी राजनीतिक कंसल्टिंग कंपनी है, जो करोड़ों रुपये का राजस्व पैदा करती है।
  4. पब्लिक स्पीकिंग और कॉन्फ्रेंस: विभिन्न सेमिनार, बहस और पैनल चर्चाओं में भाग लेकर भी वह अच्छी कमाई करते हैं।
  5. निवेश: प्रशांत किशोर ने रियल एस्टेट और कुछ स्टार्टअप्स में भी निवेश किया है, जिससे उनकी संपत्ति लगातार बढ़ रही है।

उनकी संपत्ति का अनुमानित विकास:

2014: 5 करोड़ रुपये (मोदी अभियान के बाद राजनीति में एंट्री)

2016: 12 करोड़ रुपये (नीतीश कुमार और कांग्रेस अभियान की सफलता)

2019: 25 करोड़ रुपये (आंध्र प्रदेश और अन्य राज्यों में बड़ी जीत)

2021: 35 करोड़ रुपये (ममता बनर्जी और DMK के साथ जुड़ाव)

2025: 50+ करोड़ रुपये (I-PAC के विस्तार और लगातार कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट्स)

यह साफ है कि प्रशांत किशोर सिर्फ एक रणनीतिकार ही नहीं, बल्कि राजनीतिक कंसल्टिंग उद्योग के सबसे बड़े नामों में से एक हैं और अब बिहार की राजनीति में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। उनकी बढ़ती संपत्ति और लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि आने वाले चुनावों में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण रहने वाली है।

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