संघर्षग्रस्त बांग्लादेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 17 वर्षों के बाद बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान अपने वतन लौट रहे हैं। लंदन से लौट रहे तारिक, जो पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं, 2007 में गिरफ्तारी और जेल की अवधि के बाद इलाज के लिए विदेश चले गए थे। 2016 में खालिदा जिया को सजा सुनाए जाने के समय उन्हें बीएनपी का कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। ढाका हवाई अड्डे पर बीएनपी समर्थकों की भीड़ अपने नेता का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए उमड़ पड़ी।
खालिदा जिया की सेहत गंभीर बनी हुई है और उन्हें फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी बीच, बांग्लादेश में राजनीतिक सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी है। मुहम्मद यूनुस की नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को तारिक रहमान की वापसी से पहले सुरक्षा कड़ी करने का निर्देश दिया है। बीएनपी ने अपने कार्यवाहक अध्यक्ष का स्वागत करने के लिए लाखों समर्थकों को जुटाने की योजना बनाई है। रहमान स्थानीय समयानुसार सुबह 11:55 बजे हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। उनके साथ उनकी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी ज़ैमा रहमान भी होंगी। हवाई अड्डे पर उतरते ही वे सीधे निर्धारित स्वागत कार्यक्रम में शामिल होंगे और इसके बाद अपनी बीमार मां से मिलने जाएंगे।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि फरवरी में होने वाले आम चुनाव में रहमान बीएनपी की ओर से प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में शुमार हैं। बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने स्पष्ट किया है कि यदि पार्टी अगली सरकार बनाती है, और खालिदा जिया का स्वास्थ्य अनुमति देता है, तो वे फिर से पदभार ग्रहण करेंगी। अन्यथा, रहमान को पार्टी का नेतृत्व सौंपा जाएगा। शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया है। विभिन्न शहरों में प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जिसमें कई स्थानों पर हिंसक झड़पें और संपत्ति की क्षति हुई है। अधिकारियों ने स्थिति पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया है और मामले की स्वतंत्र जांच शुरू करने का ऐलान किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस घटना का आगामी चुनावों पर गहरा असर पड़ सकता है और विपक्षी दलों के बीच तनाव और भी बढ़ सकता है। सरकारी और राजनीतिक नेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने का आह्वान किया है।