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मोतिहारी: महात्मा गांधी की ऐतिहासिक कर्मभूमि चंपारण में आज एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तीन दिवसीय कृषि मेले के दूसरे दिन पिपराकोठी स्थित राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय पहुंचे। हजारों किसानों की उपस्थिति में उन्होंने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और अपने ओजस्वी भाषण से लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के दौरान उन्हें अंगवस्त्र और गांधीजी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने बिहार और यहां के लोगों के प्रति गहरी आत्मीयता व्यक्त की और महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह को याद करते हुए कहा “बिहार के लोगों का प्रेम ही मेरी ताकत है। यह बिहार ही है, जिसने मुझे भारत जैसे विशाल देश का राष्ट्रपति बनने का सौभाग्य प्रदान किया।”
बिहारी राष्ट्रपति’ कहे जाने पर गर्व रामनाथ कोविंद अपने संबोधन में रामनाथ कोविंद ने बिहार से अपने जुड़ाव पर कहा “आज लोग मुझे बिहारी राष्ट्रपति कहते हैं, यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। बिहार ने मुझे बहुत प्रेम दिया, यही कारण है कि मैं पहले बिहार का राज्यपाल बना और फिर देश का राष्ट्रपति बनने का अवसर मिला।” उन्होंने यह भी बताया कि यह उनका मोतिहारी का चौथा दौरा है। “राज्यपाल रहते हुए मैं तीन बार मोतिहारी आया था और अब राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद चौथी बार यहां आया हूँ। राधामोहन सिंह मेरे अच्छे मित्र हैं, इसलिए उनके आग्रह को मैं टाल नहीं पाता और इस बहाने आप सबसे मिलने का अवसर भी मिल जाता है।”
इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल हुए और उन्होंने बिहारवासियों के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा “मोतिहारी और रक्सौल में एयरपोर्ट बनने जा रहे हैं, जिससे यहां के लोगों को देश और दुनिया में आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। रक्सौल में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 121 एकड़ भूमि का अधिग्रहण हो चुका है, वहीं सांसद राधामोहन सिंह के आग्रह पर मोतिहारी में भी एक नया एयरपोर्ट बनेगा।” पिपराकोठी में आयोजित इस कृषि मेले में हजारों किसान जुटे थे। हर कोई पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का भाषण सुनने और उन्हें देखने के लिए उत्सुक था।
तीन दिवसीय इस कृषि मेले में कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और किसान बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की यह यात्रा बिहार के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। जहां एक ओर कृषि मेला किसानों के लिए नई तकनीकों और नवाचारों का द्वार खोलेगा, वहीं दूसरी ओर मोतिहारी और रक्सौल में एयरपोर्ट निर्माण से इस क्षेत्र में आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।