लालू के लाल तेज प्रताप को मिली Y+ सुरक्षा, BJP से नजदीकी की अटकलें तेज

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की गहमागहमी के बीच राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को केंद्र सरकार ने वाई प्लस (Y+) श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल सुरक्षा श्रेणी के तहत, तेज प्रताप यादव अब सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों के सुरक्षा घेरे में रहेंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से यह सुरक्षा ‘प्रोटेक्शन लिस्ट’ के तहत तत्काल प्रभाव से प्रदान की गई है।

हालांकि, सुरक्षा मिलने के इस फैसले को राजनीतिक गलियारों में एक बड़े सियासी उलटफेर के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। तेज प्रताप यादव, जिन्हें हाल ही में पार्टी से निष्कासित किया गया था और जो अपनी नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ के बैनर तले चुनाव लड़ रहे हैं, का झुकाव भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर बढ़ने की अटकलें तेज हो गई हैं।

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रवि किशन से मुलाकात और ‘रोजगार’ का बयान
इन अटकलों को हवा तब मिली जब एक दिन पहले ही पटना एयरपोर्ट पर तेज प्रताप यादव की मुलाकात बीजेपी सांसद और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन से हुई। यह मुलाकात काफी गर्मजोशी भरी रही और दोनों नेताओं ने मीडिया के सामने एक-दूसरे की जमकर तारीफ की।

तेज प्रताप यादव ने मुलाकात के बाद मीडिया से कहा था, “पहली बार रवि किशन से मुलाकात हुई, ये भगवान के भक्त हैं हम भी भक्त हैं। मैंने शुरू से कहा कि जो बेरोजगारी मिटाएगा और रोजगार देगा, मैं उसके साथ हूं।” वहीं, बीजेपी सांसद रवि किशन ने तेज प्रताप की तारीफ करते हुए कहा था कि “इनके हृदय को सब लोग बहुत प्रेम कर रहे हैं। ये दिल वाले इंसान हैं। भोलेनाथ के भक्त हैं। जो लोग निःस्वार्थ सेवा के लक्ष्य वाले होते हैं, उनके लिए बीजेपी सीना खोलकर रखती है। इनकी छवि वही आ रही है।”

तेज प्रताप यादव के इस बयान ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी। आरजेडी से बागी हो चुके तेज प्रताप को केंद्र सरकार द्वारा Y+ सुरक्षा दिए जाने को उनके एनडीए के नजदीक आने की पटकथा के तौर पर देखा जा रहा है।

Y+ सुरक्षा का मतलब क्या है?
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और उनकी जान को संभावित खतरे के आकलन के बाद यह फैसला लिया गया है। Y+ श्रेणी की सुरक्षा में कुल 11 आर्म्ड पुलिस कमांडो तैनात किए जाते हैं। इनमें 5 स्टैटिक जवान (उनके आवास और आसपास स्थायी रूप से तैनात) और 6 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) शामिल होते हैं, जो तीन शिफ्टों में लगातार उनकी सुरक्षा का जिम्मा संभालते हैं।

फिलहाल, तेज प्रताप यादव या भाजपा के किसी बड़े नेता की ओर से इस राजनीतिक अटकल पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन बिहार चुनाव के बीच लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे को मिली केंद्र की सुरक्षा ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है।

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