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पटना: गुजरात के अहमदाबाद में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में हिस्सा ले रहे पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने गुजरात से राजद के युवराज तेजस्वी यादव को कड़ा मैसेज दिया है। पप्पू यादव ने कहा है कि तेजस्वी यादव को अहंकार हो गया है। अहंकार छोड़ना होगा। वे खुद को कैसे मुसहर सम्मेलन में सीएम घोषित कर सकते हैं। सीएम तो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और लालू यादव मिलकर घोषित करेंगे।
पप्पू यादव ने कहा कि अगर 40 विधायकों वाली पार्टी के नेता नीतीश कुमार बिहार में सीएम बन सकते हैं और एनडीए उन्हें सीएम बना सकता है, तो तेजस्वी यादव ने क्यों हठ पाल रखी है। सीएम का चेहरा बिहार में क्यों नहीं बदल सकता? राहुल गांधी की सोच वाला नया फ़ेस सीएम नहीं हो सकता है क्या? ज़रूरी थोड़े ही है कि एक ही तरह का फ़ेस हो। राहुल गांधी बदलाव की बात कर रहे हैं। कांग्रेस बदलाव की बात कर रही है, तो वे अहंकार क्यों नहीं छोड़ पा रहे हैं?
पप्पू यादव ने अहमदाबाद में एक निजी न्यूज़ चैनल से बातचीत में कहा कि राष्ट्रीय जनता दल कांग्रेस के वर्कर्स को अपमानित करता है और कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में पूनम पासवान ने इस अपमान के मुद्दे को उठाया। पप्पू यादव ने कहा कि मैं पूनम पासवान और हर उस कांग्रेस कार्यकर्ता के साथ हूं जो राजद की अपमानजनक व्यवहार की वजह से अपमानित महसूस करते हैं।
पप्पू यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव को क्या जल्दी है, क्यों जल्दी है सीएम कैंडिडेट घोषित होने की? सीएम पद पर फ़ैसला चुनाव के बाद भी हो सकता है। चुनाव बाद इस पर विचार किया जा सकता है। यह फ़ैसला कांग्रेस की तरफ़ से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को लेना है, इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है, लेकिन यह सच है कि मुझे अबतक पता नहीं है कि मेरी कांग्रेस में क्या भूमिका होगी? मैं कांग्रेस पार्टी की पार्लियामेंट्री बोर्ड का असोसिएट मेंबर हूं। मुझे राष्ट्रीय अधिवेशन में बुलाया गया है, लेकिन मेरी कांग्रेस में क्या भूमिका होगी, यह मुझे नहीं पता।
पप्पू यादव ने कहा कि राहुल गांधी चाहते हैं कि बिहार कांग्रेस के प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष से भी ज्यादा निर्णय लेने की छूट जिलाध्यक्षों और जिलों की कमेटी को दी जाए, इसका मतलब है कि सीधे तौर पर कांग्रेस खुद को ग्रासरूट पर मज़बूत करना चाहती है और अपने वोट को साधने की कोशिश कर रही है। पप्पू यादव ने कहा कि बिहार से पूरे देश को राजनीतिक रूप से एक संदेश जाता है। पप्पू यादव ने कहा कि पप्पू के नाम के साथ जो टाइटल लगा हुआ है, उसकी संख्या बिहार में 17 प्रतिशत है। अब ऐसे में मेरी भूमिका प्रभारी को तय करना है। नेतृत्व को तय करना है। मैं इंतज़ार कर रहा हूं कि मुझे क्या दायित्व दिया जाता है।
पप्पू यादव ने कहा कि मैं चाहूंगा कि लालू यादव के साथ गठबंधन हो, लेकिन यह ज़रूरी नहीं कि सदा वे अपनी ही महत्वकांक्षा देखते रहे। दो कदम पीछे भी हटना पड़ेगा। तेजस्वी जी को अहंकार भी छोड़ना पड़ेगा। तेजस्वी जी ने खुद को सीएम घोषित कर लिया, लेकिन सीएम तो राहुल गांधी जी, प्रियंका गांधी जी, सोनिया गांधी जी, खड़गे जी, लालू जी, माले मिलकर घोषित करेंगे। हम स्वयंभू भगवान तो हो नहीं सकते। पप्पू यादव ने कहा कि खुद उन्होंने कह दिया भूइयां की रैली में। भइया, कई बार हमारे नेताओं ने कहा है कि सीएम बैठकर तय होगा और ज़रूरी नहीं है कि हमारे नेता अभी ही तय करें, वह तो चुनाव के बाद भी तय हो सकता है।