बिहार विधानसभा के बजट सत्र की 90% कार्यवाही संपन्न हो चुकी है। इस सत्र की सबसे खास बात यह रही कि नए विधायकों (First-time MLAs) ने सदन की कार्यवाही में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल पूछे गए 1940 सवालों (1877 तारांकित और 63 अल्पसूचित) में से लगभग 30% सवाल उन विधायकों की तरफ से आए जो पहली बार सदन पहुंचे हैं।
सक्रियता के सितारे;
मैथिली ठाकुर (अलीनगर, BJP): सबसे कम उम्र की विधायक होने के बावजूद उन्होंने 13 दिनों में 13 सवाल पूछे। उन्होंने अपने क्षेत्र के स्कूलों, अस्पतालों और ‘अर्जुन के छाल’ जैसे स्थानीय औषधीय मुद्दों पर सरकार को घेरा। बजट के कटौती प्रस्ताव पर विपक्ष को तर्कों से लाजवाब करने में भी वह आगे रहीं।
इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता (सहरसा, IIP): अपनी पार्टी के इकलौते विधायक होने के बावजूद आईपी गुप्ता ने हर मौके का फायदा उठाया। उन्होंने अब तक 25 सवाल पूछे हैं और शून्यकाल से लेकर ध्यानाकर्षण तक, हर मुद्दे पर अपनी राय रखी है।

‘साइलेंट मोड’ पर ओसामा शहाब और अन्य युवा विधायक;
ओसामा शहाब (रघुनाथपुर, RJD): दिवंगत शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा की सदन में उपस्थिति 95% से अधिक रही, लेकिन उन्होंने अब तक एक भी सवाल नहीं पूछा। उन्हें सदन के बाहर क्रिकेट खेलते या पार्टी की बैठकों में तो देखा गया, लेकिन सदन के भीतर उन्होंने चुप्पी साधे रखी।
अन्य ‘खामोश’ विधायक: सवाल न पूछने वालों की सूची में केवल ओसामा ही नहीं, बल्कि चिरग पासवान की पार्टी (LJP-R) और नीतीश कुमार की पार्टी (JDU) के भी कई युवा विधायक शामिल हैं। BJP से कटोरिया विधायक पुरण लाल टुडू ने भी अब तक कोई सवाल नहीं किया है।

सबसे ज्यादा सवाल पूछने वाले ‘टॉप’ फर्स्ट टाइमर;
| विधायक का नाम | पार्टी | निर्वाचन क्षेत्र | सवालों की संख्या |
| शुभानंद मुकेश | JDU | कहलगांव | 26 |
| आईपी गुप्ता | IPP | सहरसा | 25 |
| अमरेंद्र कुशवाहा | RJD | गोह | 24 |
| संतोष यादव | BSP | रामगढ़ | 20 |
| ऋतुराज कुमार | – | – | 18 |
| मैथिली ठाकुर | BJP | अलीनगर | 13 |
सदन का बदलता मिजाज;
इस सत्र के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि सदन में नए खून ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। जहाँ शुभानंद मुकेश और मैथिली ठाकुर जैसे विधायक विधायी कार्यों को गंभीरता से सीख रहे हैं, वहीं ओसामा शहाब जैसे चेहरों की ‘चुप्पी’ राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। सत्र के शेष 4 दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ‘खामोश’ विधायक अपना खाता खोल पाते हैं या नहीं।