विवाद के आगे झुके मेकर्स: मनोज बाजपेयी की ‘घूसखोर पंडत’ का नाम बदला, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा…

Ritu Raj

विवादों में घिरी मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म को लेकर फिल्ममेकर नीरज पांडेय ने एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए उन्होंने जानकारी दी कि फिल्म का विवादित टाइटल ‘घूसखोर पंडत’ पूरी तरह से हटा दिया गया है।

विवाद की मुख्य वजहें;
3 फरवरी 2026 को टीजर रिलीज होते ही फिल्म के नाम को लेकर भारी विरोध शुरू हो गया था, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा। मनोज बाजपेयी फिल्म में इंस्पेक्टर अजय दीक्षित की भूमिका में हैं, जिन्हें दिल्ली में ‘पंडित’ कहा जाता है। टीजर में उन्हें एक ‘बदनाम’ पुलिस अफसर के रूप में दिखाया गया था, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई। 12 फरवरी को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स और मेकर्स को नाम बदलने का निर्देश दिया था।

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नीरज पांडेय का पक्ष और कोर्ट को आश्वासन;
फिल्म निर्देशक नीरज पांडेय ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था। आगे कहा कि फिल्म का नया शीर्षक अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन वह पुराने नाम से बिल्कुल अलग और कहानी के सही उद्देश्य को दर्शाने वाला होगा। फिल्म के पुराने नाम वाले सभी पोस्टर, टीजर और प्रमोशनल वीडियो नेटफ्लिक्स और सोशल मीडिया से हटा दिए गए हैं। पांडेय के अनुसार, ‘पंडत’ शब्द केवल एक आम बोलचाल का उपनाम था। यह कहानी किसी विशेष जाति या समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करती, बल्कि एक व्यक्ति के निजी निर्णयों पर आधारित है।

गौरतलब है कि याचिकाकर्ता अतुल मिश्रा ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। फिल्म में दिखाया गया है कि अजय दीक्षित 20 साल पहले एसआई के रूप में भर्ती हुए थे, लेकिन अपने गलत कामों के कारण वे बार-बार डिमोट होते रहे। “एक फिल्ममेकर के तौर पर मैं अपनी जिम्मेदारी समझता हूं। यह फिल्म पूरी तरह मनोरंजन के लिए और नेक नीयत से बनाई गई है।”- नीरज पांडेय (इंस्टाग्राम स्टोरी से)

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