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राज्यसभा सांसद मनोज झा ने पीएम मोदी पर जमकर तंज कसा है। उन्होंने पीएम मोदी को मंगलसूत्र एक्सपर्ट कहा है। वहीं, बिहार विधानसभा चुनाव में नौकरी को सबसे बड़ा मुद्दा बताया है। उन्होंने SIR, सीट शेयरिंग और सीएम फेस सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की है।
हाल ही में एक इंटरव्यू में सांसद मनोज झा ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि संसद में 5 दिन हो गए, लेकिन हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी एक मुख्य कारण स्पेसल इंटेसिव रिवीजन भी है। इस पर इन्होंने कहा कि 2003 में इंटेसिव रिवीजन हुआ। उस दौरान चुनाव नहीं था तो 6-8 महीने लग गए थे। और चुनाव आयोग की साख पर बट्टा नहीं लगा था। उसकी विश्वसनीयता कठघरे में नहीं थी। वहीं, SIR कराने से पहले उन्होंने किसी भी राजनीतिक दल से कोई बात नहीं की। बिहार दस्तावेज के मामले में बहुत पिछड़ा राज्य है। और यहां बहुत कम लोगों के पास जरूरी दस्तावेज हैं। हमें लगा कि चुनाव आयोग को हमारी दलील पसंद नहीं आ रही है। वे सब तय करके बैठे हैं। तब हमने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उन्होंने SIR को लेकर संसद में हुए चर्चे पर बात करते हुए कहा कि गैरपारदर्शिता इस सरकार का लक्षण है। और इस सरकार में ढाई व्यक्तियों से ज्यादा किसी को कुछ पता नहीं होता कि कौन सा फैसला हुआ, क्यों हुआ, इसकी प्रासंगिकता और पृष्ठभूमि क्या थी। उपराष्ट्रपति की इस्तीफे पर कहा कि उपराष्ट्रपति के काम में निष्पक्षता होती है। या तो मैं किसी तरफ का न दिखूं या दोनों तरफ का दिखूं। मैं जानता हूं कि उनका राजनीतिक करियर संघर्ष से भरा रहा है। वोटर वेरिफिकेशन से हो रहे दिक्कत पर सांसद ने कहा कि पत्रकार अगर आपत्तियां दर्ज करते हैं, तो उन पर FIR दर्ज हो जाती है। बड़े लोगों के साथ ऐसा हो रहा है तो एक अदने आदमी का क्या होगा। SIR की प्रक्रिया वोटों की चोरी से ज्यादा वोटों की डकैती है।
हालांकि, इस विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की तैयारी और वादे को को लेकर कहा कि हमारे राज्य में नौकरी ही एक मुद्दा है। तेजस्वी यादव ने अपने 17 महीने के कार्यकाल में कल्पना और यथार्थ के बीच की दूरी खत्म कर दी। वे कहते थे कि 10 लाख नौकरी दूंगा, तो मुख्यमंत्री कहते थे कि पैसा कहां से आएगा। बिहार में नौकरी का मतलब तेजस्वी हो गया। PM भैंस, मंगलसूत्र में एक्सपर्ट है, लेकिन बिहार में मजबूरी में नौकरी शब्द बोलना होता है। प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी के बारे में बात करते हुए कहा- ऐसा कोई पहली बार नहीं है कि कोई चुनाव लड़ रहा है। पिछली बार भी एक महिला ने चुनाव लड़ा था। वे जैसे ही पटना एयरपोर्ट पहुंचते हैं, उनके निशाने पर तेजस्वी यादव होता है। इससे पता चलता है कि लाइन किसकी है। इन्होंने तेजप्रताप को एक अच्छा इंसान बताया कहा है। बता दें, मनोज झा राज्यसभा सांसद के साथ-साथ आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी है। उन्होंने डीयू से मास्टर्स और पीएचडी पूरी की है। उनका राजनीतिक करियर मार्च 2018 से शुरू हुआ। उसी साल बिहार से राज्यसभा सांसद चुने गए। वहीं, अक्टूबर 2020 में तेजस्वी यादव के सलाहकार बने।