बिहार के मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर प्रखंड से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के मध्य विद्यालय गहुमणि इटहरी में शनिवार को मिड-डे मील (खिचड़ी) खाने से 50 से अधिक स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
गंभीर आरोप: खाने में मिली ‘छिपकली’
बच्चों का आरोप है कि उन्हें जो खिचड़ी परोसी गई थी, उसमें मरी हुई छिपकली गिरी हुई थी। घटना के संबंध में बच्चों ने कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जब बच्चों ने रसोइए को खिचड़ी में छिपकली होने की बात बताई, तो उनकी थाली छीन ली गई। स्कूल प्रशासन द्वारा मामले को शांत कराने और बच्चों को डराने की कोशिश की गई। स्कूल में तबीयत बिगड़ने के बाद बच्चे जब घर पहुंचे और परिजनों को आपबीती सुनाई, तब आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जांच;
घटना की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) संजय कुमार ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पीड़ित बच्चों का हालचाल जाना। DEO ने स्पष्ट किया है कि इस लापरवाही की पूरी जांच की जाएगी और दोषी रसोइए व स्कूल प्राचार्य के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही डॉक्टरों की एक विशेष टीम बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।
परिजनों का आक्रोश;
इस घटना के बाद से ही अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। परिजनों का कहना है कि यह बच्चों के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की है कि मिड-डे मील की गुणवत्ता की नियमित जांच हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।