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इंडिगो एयरलाइन में चल रहे परिचालन संकट (Operational Crisis) ने अब एक बड़ा रूप ले लिया है, जिस पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने रविवार को स्पष्ट किया कि इंडिगो की वजह से यात्रियों को जो मानसिक उत्पीड़न और परेशानी झेलनी पड़ी है, उसकी जवाबदेही (Accountability) तय की जाएगी।
मोहोल ने कहा, “सभी यात्रियों को मानसिक परेशानी हुई है और उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इंडिगो की वजह से उन्हें मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ा।” उन्होंने आगे कहा कि इंडिगो से कुछ जिम्मेदारियां निभाने की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं की गईं, और इसी वजह से मौजूदा स्थिति बनी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने तुरंत कार्रवाई की है। डीजीसीए ने मौजूदा हालात के कारणों का पता लगाने और सुधार के उपाय सुझाने के लिए चार सदस्यों का एक जांच पैनल बनाया है। इसके साथ ही, डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।
मोहोल ने यह भी पुष्टि की कि सभी एयरलाइन कंपनियों पर टिकट बिक्री पर लिमिट लगा दी गई है, और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि जिन सभी यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं, उन्हें तत्काल रिफंड मिले।
राहुल गांधी के ‘मोनोपॉली मॉडल’ पर मंत्री नायडू का पलटवार
इंडिगो संकट के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इंडिगो की विफलता के लिए सरकार के “मोनोपोली मॉडल” को दोषी ठहराया था। इस पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने जोरदार पलटवार किया है।
नायडू ने जोर देकर कहा कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि आम जनता का मुद्दा है। उन्होंने कहा, “सरकार ने हमेशा ज्यादा कॉम्पिटिशन (प्रतिस्पर्धा) लाने की कोशिश की है। हमने लीजिंग कॉस्ट कम करने के लिए कानून भी बनाया, जिससे ज्यादा एयरक्राफ्ट फ्लीट में शामिल हो सकें।” उन्होंने कहा कि देश में एविएशन की डिमांड बढ़ रही है, इसलिए सरकार इस सेक्टर में अधिक लोगों के आने का समर्थन करती है। नायडू ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “अगर वह (गांधी) पूरी जानकारी के साथ बात करते तो बेहतर होता।”
इससे पहले, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा था कि “इंडिगो की नाकामी इस सरकार के मोनोपॉली मॉडल की कीमत है। एक बार फिर, आम भारतीय इसकी कीमत चुका रहे हैं – देरी, कैंसलेशन और लाचारी के रूप में।”
इंडिगो ने बनाया ‘क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप’, सामान्य कामकाज बहाल करने पर फोकस
दूसरी ओर, इंडिगो एयरलाइन ने इस संकट से निपटने के लिए कदम उठाए हैं। लगातार हो रही उड़ान रद्द और देरी को ठीक करने के लिए इंडिगो के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने एक क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) का गठन किया है।
कंपनी ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि यह फैसला संकट के पहले दिन आपातकालीन बोर्ड मीटिंग के बाद लिया गया। यह ग्रुप स्थिति पर नियमित रूप से नज़र रख रहा है और सामान्य कामकाज (Operational Integrity) जल्द से जल्द बहाल करने के लिए मैनेजमेंट द्वारा उठाए जा रहे कदमों की लगातार जानकारी ले रहा है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों और अन्य स्टेकहोल्डर्स को हो रही दिक्कतों को तेजी से दूर करना है।