मोकामा : अनंत सिंह को जेल से मिली धमाकेदार जीत, अनंत सिंह ने वीणा देवी को 28 हजार वोटों से रौंदा!

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजनीति में हमेशा से हॉट सीट रही मोकामा विधानसभा सीट का बहुप्रतीक्षित नतीजा सामने आ चुका है। यह चुनाव सिर्फ दो राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि दो कद्दावर बाहुबलियों—जदयू के अनंत सिंह और राजद की वीणा देवी (पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी) —की प्रतिष्ठा की जंग बन गया था। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में, जदयू प्रत्याशी और ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए भी ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।उन्होंने अपनी मुख्य प्रतिद्वंदी राजद उम्मीदवार वीणा देवी को 28,206 वोटों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी। नतीजों की घोषणा के साथ ही, अनंत सिंह के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह और जश्न का माहौल छा गया, जबकि वीणा देवी के कैंप में मायूसी और सन्नाटा पसर गया।

वोटों का गणित और बाहुबली वर्चस्वआंकड़ों के अनुसार, मोकामा की जनता ने एक बार फिर अनंत सिंह पर अपना विश्वास जताया।जदयू उम्मीदवार अनंत सिंह को 91,416 वोट मिले, जबकि राजद की वीणा देवी को 63,210 वोट प्राप्त हुए, जिससे जीत का अंतर 28,206 वोट रहा। यह जीत केवल चुनावी आंकड़ों की विशालता को ही नहीं दर्शाती है, बल्कि मोकामा के उस गहरे राजनीतिक समीकरण को भी उजागर करती है, जहाँ दशकों से बाहुबली नेताओं का वर्चस्व और जनाधार निर्णायक रहा है। अनंत सिंह की यह जीत इस बात का प्रमाण है कि उनकी लोकप्रियता और स्थानीय प्रभाव उनकी जेल में उपस्थिति के बावजूद कम नहीं हुआ है।

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पटना में गूंजा नारा: “जेल का फाटक टूटेगा…”अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि इस चुनाव में उन्हें बड़ी चुनौती मिल सकती है, लेकिन नतीजों ने इन सभी अटकलों को खारिज कर दिया। काउंटिंग के दिन पटना के माल रोड स्थित उनके आवास पर समर्थकों का सैलाब उमड़ पड़ा। जश्न का माहौल उत्सवी था, जिसमें उनके समर्थक ढोल-नगाड़ों के साथ झूम रहे थे।इस दौरान, एक पोस्टर ने पूरे मीडिया और जनमानस का ध्यान खींचा, जिस पर लिखा था “जेल का फाटक टूटेगा, मेरा शेर छूटेगा।” यह नारा सिर्फ समर्थकों के आत्मविश्वास का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि मोकामा की राजनीति में अनंत सिंह की ‘रॉबिनहुड’ वाली छवि और उनकी अटूट लोकप्रियता का भी प्रतीक था। अधिकतर समर्थक नदमा स्थित पैतृक आवास की बजाय पटना में जश्न मनाने के लिए जुटे थे।

वीणा देवी कैंप में पसरा सन्नाटाइसके विपरीत, राजद प्रत्याशी वीणा देवी के डाक बंगला चौराहा स्थित चुनाव कार्यालय में चुनाव परिणाम घोषित होते ही गहरा सन्नाटा छा गया। सुबह से ही पंडाल और कुर्सियां भरी हुई थीं, लेकिन जैसे-जैसे रुझान अनंत सिंह के पक्ष में जाने लगे, भीड़ छंटनी शुरू हो गई। शाम होते-होते, पूरा इलाका मायूसी की चादर ओढ़कर शांत हो गया।वीणा देवी और उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि पूर्व सांसद सूरजभान सिंह के प्रभाव और पिछड़े तथा आरक्षित वर्गों का वोट उन्हें निर्णायक बढ़त दिलाएगा। इसके अलावा, दुलारचंद यादव हत्याकांड, जिसके संबंध में अनंत सिंह जेल में हैं, को भी विपक्ष ने एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की थी। हालांकि, मोकामा के समीकरण, जो मुख्य रूप से भूमिहार बहुल हैं, वीणा देवी के पक्ष में नहीं जा पाए और सभी अनुमानों को गलत साबित करते हुए अनंत सिंह ने अपनी सीट बरकरार रखी।

‘रॉबिनहुड’ वाली छवि का जादू बरकरारमोकामा में भूमिहार वोट हमेशा से निर्णायक रहा है, और इस चुनाव में भी इस समाज ने स्पष्ट रूप से अनंत सिंह के पक्ष में लामबंदी दिखाई। हालांकि, उनकी लोकप्रियता केवल भूमिहारों तक सीमित नहीं है। अनंत सिंह की “रॉबिनहुड” वाली छवि जिसके तहत वे गरीबों और स्थानीय लोगों के लिए हमेशा उपलब्ध रहने वाले नेता माने जाते थे ने उन्हें यादव, पिछड़े, अति पिछड़े और दलित समुदायों में भी एक मजबूत पकड़ दी। इसी व्यापक जनाधार और बाहुबली नेता के रूप में उनकी पहचान ने जेल में रहते हुए भी उन्हें यह धमाकेदार जीत दिलाई है।

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