मगध क्षेत्र में नए लोगों को NDA दे सकता है चुनाव लड़ने का मौका, 20 सीटों पर है महा-गठबंधन का कब्जा

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
मगध के पांच जिलों की 26 विधानसभा सीटों पर इसबार एनडीए नए उम्मीदवारों को मौका दे सकता है। 2020 का विधानसभा चुनाव में 20 सीटों पर एनडीए के प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था। मगध के पांच जिलों में तीन जिले ऐसे थे, जहां एनडीए का खाता भी नहीं खुल सका था।इसबार ईन सीटों से नए लोगों को लड़ाने को लेकर मंथन जारी है।नवादा जिले में पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में नवादा जिले में केवल एक विधानसभा क्षेत्र वारसलिगंज से एनडीए की प्रत्याशी भाजपा की अरुणा देवी को जीत मिली थी। शेष चार विधानसभा क्षेत्रों में महागठबंधन के प्रत्याशी की जीत हुई थी।इस बार नवादा का समीकरण प्रत्याशियों के लिहाज से बदल जाएगा।वर्ष 2020 के चुनाव में नवादा विधानसभा क्षेत्र से जदयू की टिकट पर कौशल यादव मैदान में थे। उनके सामने राजद की विभा देवी थी और उन्हें जीत मिली थी।हाल ही में कौशल यादव ने राजद की सदस्यता ली है। अब विभा देवी को राजद अपना प्रत्याशी बनाएगा या नहीं इस पर खूब बातें हो रहीं हैं। इस बीच विभा देवी के पति राजवल्लभ यादव भी सजामुक्त हाेकर वापस लौट आए हैं। गोविंदपुुर से जेडीयू की टिकट पर 2020 में मैदान में रहीं पूर्णिमा यादव भी अपने पति के साथ आरजेडी में रहेंगी। वहां से मो। कामरान को आरजेडी के टिकट पर सफलता मिली थी। वह राजवल्लभ यादव के करीबी हैं। रजौली में भी समीकरण बदलने की चर्चा है।

जहानाबाद जिले में तीन विधानसभा क्षेत्र हैं। तीनों पर 2020 के चुनाव को एनडीए को हार मिली थी। जहानाबाद से जदयू की टिकट पर कृष्णनंदन वर्मा थे। वह चुनाव हार गए थे। उम्र के लिहाज से वह इस बार मैदान में नहीं दिख सकते हैं।घोसी से जदयू के टिकट पर जगदीश शर्मा के पुत्र राहुल कुमार को हार मिली थी। इस बार पार्टी में चर्चा है कि वहां भी जदयू किसी नए प्रत्याशी को उतारेगी। मखदूमपुर सीट पर हम के उम्मीदवार की हार हुई थी।अरवल की दो सीटों पर अरवल में भाजपा तथा कुर्था में जदयू को हार मिली थी। कुर्था मे जदयू ने सत्येंद्र कुशवाहा को टिकट दिया था।औरंगाबाद की छह सीटों पर अंदरूनी राजनीति बड़े स्तर पर है। कई खेमे सक्रिय हैं। पिछली बार इस जिले में एनडीए को एक सीट भी नहीं मिली थी। गोह से भाजपा के मनोज कुमार शर्मा चुनाव हार गए थे। इस बार भी वह सक्रिय हैं।नवीनगर से जदयू के वीरेंद्र कुमार सिंह की हार हो गयी थी। कुटुंबा से हम को हार मिली थी। औरंगाबाद से रामाधार सिंह पिछली बार भाजपा के उम्मीदवार थे पर हार गए थे। इस बार भी उनकी दावेदारी चल रही पर कौन खेमा हावी होगा यह आने वाले महीने में सामने आएगा।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

गया जिले में 10 सीटों पर पांच पर एनडीए का कब्जा है। एनडीए की कवायद यह संख्या को आगे बढ़ाने की है। अतरी सीट पर पिछली बार मनोरमा देवी को जदयू ने टिकट दिया था।अब वह बेलागंज की विधायक हैं। इसलिए अतरी में नया प्रत्याशी संभव है। गुरुआ में भाजपा को हार मिली थी। शेरघाटी में जदयू के विनोद प्रसाद यादव चुनाव हार गए थे। बोधगया में भाजपा के हरि मांझी हार गए थे। इन सब सीटों पर नए समीकरण की चर्चा हो रही है।उम्मीदवार बदले जाने की संभावना है।

Share This Article