बिहार की सियासत में ‘MY’ की नई जंग: मोदी के ‘MY’ ने ध्वस्त किया तेजस्वी का ‘MY’ समीकरण

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम न केवल सत्ता का हस्तांतरण कर रहे हैं, बल्कि राज्य की राजनीति में दशकों पुराने समीकरणों को भी नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। इस चुनाव में सबसे अधिक चर्चा में रहा एमवाई (MY) समीकरण, जिसे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का पारंपरिक मुस्लिम और यादव वोट बैंक माना जाता था। लालू यादव के दौर से ही यह ‘एमवाई’ RJD को सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाता रहा है। लेकिन, इस बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की प्रचंड जीत की आंधी ने इस पुराने किले को दरका दिया है।

चुनाव संपन्न होने और सरकार गठन की प्रक्रिया के बीच, चुनावी नतीजों के विश्लेषण में एक नया ‘एमवाई’ मॉडल उभरकर सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीत के बाद अपने संबोधन में इस समीकरण की एक नई और सकारात्मक परिभाषा रखी। उनके अनुसार, एनडीए के लिए ‘एम’ का मतलब महिला और ‘वाई’ का मतलब युवा है।

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मुजफ्फरपुर में दिखा ‘नया MY’ का असर
इस नए समीकरण का सीधा और स्पष्ट असर मुजफ्फरपुर जिले के चुनाव परिणामों में देखने को मिला है। मुजफ्फरपुर में एनडीए ने जिस तरह से जीत दर्ज की है, वह पीएम मोदी के ‘महिला और युवा’ यानी नए एमवाई फार्मूले की सटीक मिसाल है।

जिले में एनडीए के खाते से कुल तीन महिला और एक युवा उम्मीदवार विजयी हुए हैं:

औरई विधानसभा सीट: बीजेपी की रमा निषाद (महिला)

बोचहां विधानसभा सीट: लोजपा (रामविलास) की बेबी कुमारी (महिला)

गायघाट विधानसभा सीट: जेडीयू की कोमल सिंह (युवा/महिला)

सकरा विधानसभा सीट: जेडीयू के आदित्य कुमार (युवा)

यह पहली बार है जब मुजफ्फरपुर जिले से एक साथ तीन महिलाएं विधानसभा पहुंची हैं। रमा निषाद, कोमल सिंह और आदित्य कुमार पहली बार निर्वाचित हुए हैं, जबकि बेबी कुमारी पहले निर्दलीय विधायक रह चुकी हैं।

जेडीयू ने जिले की चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें गायघाट से कोमल सिंह और सकरा से आदित्य कुमार, दोनों युवा हैं और राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं, बीजेपी की रमा निषाद और लोजपा (रामविलास) की बेबी कुमारी की जीत ने ‘महिला’ फैक्टर को मजबूत किया। इस तरह, जिले के परिणाम ने नए एमवाई— महिला और युवा— के फार्मूले को पूरी तरह से सिद्ध किया है।

पीएम मोदी ने दिया सकारात्मक संदेश
चुनाव में जीत के बाद दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा था कि बिहार ने 2010 के बाद एनडीए को सबसे मजबूत जनादेश दिया है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से तेजस्वी यादव की पार्टी राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दलों ने तुष्टीकरण आधारित पुराना एमवाई फार्मूला (मुस्लिम–यादव) को बढ़ावा दिया, जिसे जनता ने सिरे से खारिज कर दिया।

पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि इस चुनाव ने एक नया और सकारात्मक एमवाई फार्मूला बनाया है, जिसने महिला और यूथ को आगे बढ़ाया है। उन्होंने बिहार को युवाओं की सर्वाधिक संख्या वाले राज्यों में से एक बताते हुए कहा कि हर वर्ग, धर्म और जाति के युवाओं ने अपनी आकांक्षाओं से इस पुराने सांप्रदायिक एमवाई फार्मूले को ध्वस्त कर दिया है। मुजफ्फरपुर जिले की तीन महिलाएं और एक युवा इसी नए एमवाई मॉडल की सबसे बड़ी मिसाल बनकर उभरे हैं।

अब राज्य की राजनीति जिलों से निकलकर पटना पहुंच चुकी है, जहां सरकार गठन की प्रक्रिया चल रही है। सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नई सरकार में भी इस नए ‘महिला-युवा’ (MY) फार्मूले का अनुपालन किया जाएगा और इन्हें उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा।

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