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पटना: बिहार में आज से शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो रही है, और इस प्रक्रिया में पहले चरण में बीमार और दिव्यांग शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। कुल 190,332 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी स्क्रूटनी 16 अधिकारियों की टीम द्वारा की जा रही है। यह प्रक्रिया 4 चरणों में पूरी की जाएगी।
पहले चरण में असाध्य रोग (जैसे कि कैंसर), गंभीर रुग्णता (किडनी रोग, हृदय रोग, लीवर रोग), दिव्यांगता, मानसिक दिव्यांगता और विधवा/परित्यक्ता शिक्षकों के स्थानांतरण पर काम किया जाएगा। इस चरण में कुल 11,809 आवेदन आए हैं। शिक्षा विभाग ने कहा है कि आज शाम तक पहले चरण की लिस्ट जारी होने का अनुमान है। दूसरे चरण में पति-पत्नी के ट्रांसफर के आवेदन, तीसरे चरण में शिक्षिकाओं के ऐच्छिक स्थान से वर्तमान पदस्थापन की दूरी के कारण आवेदन और चौथे चरण में पुरुष शिक्षकों के आवेदन पर विचार किया जाएगा।
यह बदलाव उन शिक्षकों के लिए राहत लेकर आया है, जिन्होंने वर्षों से स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। अब उनकी परेशानियों का समाधान होते दिख रहा है। शिक्षा विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशक पंकज कुमार ने बताया कि स्थानांतरण से संबंधित जानकारी ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों को उपलब्ध कराई जाएगी, और किसी भी प्रकार की डाक या मैसेज से सूचना नहीं दी जाएगी। यह कदम शिक्षकों के लिए तो राहत लेकर आया है, लेकिन अब यह देखना होगा कि इस प्रक्रिया से शिक्षा विभाग के भीतर और बाहर किस तरह की हलचल पैदा होती है और शिक्षक परिवार इस फैसले को कैसे स्वीकार करता है।