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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 25 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी, जिसने विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को राहत दी है। सरकार ने आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों के लिए भी कई बड़े फैसले लिए हैं। ये निर्णय सीधे तौर पर जनता को प्रभावित करेंगे और राज्य के विकास को गति देंगे।
आंगनबाड़ी कर्मियों को तोहफा
कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि है। इस फैसले से सेविकाओं का मासिक मानदेय ₹7,000 से बढ़ाकर ₹9,000 और सहायिकाओं का मानदेय ₹4,000 से बढ़ाकर ₹4,500 कर दिया गया है। समाज कल्याण विभाग को इस अतिरिक्त व्यय के लिए प्रति वर्ष ₹345.19 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगा। इस कदम से हजारों आंगनबाड़ी कर्मियों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी, जो जमीनी स्तर पर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विकास और रोजगार पर जोर
सरकार ने विकास और रोजगार सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में कार्य में तेजी लाने के लिए 3,303 अतिरिक्त राजस्व कर्मचारियों के पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इससे सरकार पर ₹121.74 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक भार पड़ेगा, लेकिन इससे भूमि संबंधी कार्यों के निष्पादन में तेजी आएगी, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत राज्य की 8,053 ग्राम पंचायतों में विवाह मंडप बनाने के लिए ₹50 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह समारोहों को सुगम बनाने में सहायक होगी।
पर्यावरण और बुनियादी ढाँचे का विकास
पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के विकास को भी कैबिनेट ने प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹1 अरब की राशि को मंजूरी मिली है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी। साथ ही, पटना, गया, छपरा, सहरसा, भागलपुर और बेगूसराय जैसे छह प्रमुख शहरों में एलपीजी आधारित शवदाह गृहों की स्थापना को भी स्वीकृति मिली है। इन शवदाह गृहों का निर्माण और संचालन ईशा फाउंडेशन, कोयंबटूर को सौंपा गया है। इसके लिए फाउंडेशन को ₹1 की टोकन राशि पर 33 साल के लिए भूमि लीज पर दी जाएगी। यह कदम पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
इन फैसलों के साथ, कैबिनेट ने सरकारी कर्मियों के यात्रा भत्ते में बढ़ोतरी और पटना में जीविका मुख्यालय भवन के निर्माण के लिए ₹73.66 करोड़ की राशि को भी मंजूरी दी है। यह सभी निर्णय एक संतुलित और विकास-उन्मुख शासन की झलक दिखाते हैं, जिसका उद्देश्य राज्य के हर वर्ग को लाभ पहुँचाना है।