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छपरा (सारण), बिहार | भारत-पाक संघर्ष के दौरान बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज ने देश की रक्षा करते हुए वीरगति पाई। छपरा जिले के गड़खा प्रखंड स्थित नारायणपुर गांव के रहने वाले इम्तियाज जम्मू के आरएसपुरा सेक्टर में तैनात थे, जहां पाकिस्तान की ओर से सीज़फायर उल्लंघन के दौरान वह दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। शहादत की खबर गांव पहुंचते ही पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया, लेकिन साथ ही गर्व भी है कि सारण की धरती ने ऐसा वीर सपूत देश को दिया जिसने धर्म से ऊपर फर्ज को प्राथमिकता दी।
मुख्यमंत्री नीतीश और तेजस्वी यादव पहुंचे परिवार से मिलने
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सुबह ही शहीद के परिजनों से मिलने पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया। वहीं शाम को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों सुमित कुमार और जमा खान के साथ नारायणपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने परिजनों को 50 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक, एक परिजन को सरकारी नौकरी देने, शहीद के नाम पर सामुदायिक भवन और सड़क निर्माण की घोषणा की। ‘मुख्यमंत्री के दौरे से पहले टूटी सड़क पर युद्धस्तर पर काम शुरू’ शहीद इम्तियाज के घर तक जाने वाली सड़क वर्षों से बदहाल थी, लेकिन मुख्यमंत्री के आगमन की खबर मिलते ही सुबह से युद्ध स्तर पर सड़क मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि “यह सड़क लिखो-फेंको कलम जैसी है, जो सिर्फ दिखावे के लिए बनी है।’सच्चे मुसलमान और देशभक्त की मिसाल बने इम्तियाज’ गांव में लोग मोहम्मद इम्तियाज को “सच्चा मुसलमान और सच्चा देशभक्त” बता रहे हैं, जिन्होंने धर्म के ऊपर देश को रखा। उनकी बहादुरी और बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा। इम्तियाज अब केवल एक नाम नहीं, बल्कि प्रेरणा की मिसाल बन चुके हैं।