बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नीतीश सरकार का बड़ा फैसला: मुफ्त जमीन, SGST माफ़ी और 40 करोड़ तक ब्याज सब्सिडी

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 (BIPPP-2025) की घोषणा की है। इस नए पैकेज के तहत, सरकार ने उद्यमियों और बड़े निवेशकों के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन पेश किए हैं, जिनमें मुफ्त में जमीन, 14 साल तक स्टेट GST की माफ़ी और 40 करोड़ रुपए तक की ब्याज सब्सिडी शामिल है। यह फैसला मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया, जहां कुल 26 एजेंडों पर मुहर लगी।

बड़े निवेशकों के लिए मुफ्त जमीन का प्रावधान
राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, सरकार ने मुफ्त जमीन देने का अहम निर्णय लिया है। इसके तहत, जो औद्योगिक इकाइयां 100 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करेंगी और 1000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देंगी, उन्हें 10 एकड़ तक मुफ्त जमीन आवंटित की जाएगी। वहीं, 1000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने वाली इकाइयों को 25 एकड़ तक की भूमि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, फॉर्च्यून 500 कंपनियों को भी 10 एकड़ तक मुफ्त जमीन मिलेगी। यह कदम बिहार को बड़े औद्योगिक घरानों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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वित्तीय प्रोत्साहनों की भरमार
BIPPP-2025 के अंतर्गत, सरकार ने कई वित्तीय सहायताएं भी घोषित की हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण है 40 करोड़ रुपए तक की ब्याज सब्सिडी, जो निवेशकों के लिए पूंजी की लागत को काफी कम कर देगी। इसके अलावा, नई औद्योगिक इकाइयों को प्रोजेक्ट की कुल लागत का 300% तक स्टेट GST 14 सालों के लिए वापस किया जाएगा। इससे कंपनियों पर पड़ने वाला टैक्स का बोझ बहुत कम हो जाएगा। पैकेज में 30% तक की पूंजीगत सब्सिडी और एक्सपोर्ट प्रमोशन के लिए 14 साल तक हर साल 40 लाख रुपए की सहायता भी शामिल है। अन्य लाभों में कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, स्टाम्प ड्यूटी और भूमि शुल्क वापसी, निजी औद्योगिक पार्कों को सहयोग और पेटेंट रजिस्ट्रेशन में मदद शामिल हैं।

रोजगार और आर्थिक विकास का लक्ष्य
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पैकेज के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य बिहार के युवाओं को राज्य में ही रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें पलायन न करना पड़े। सरकार का दावा है कि इस पैकेज से अगले पांच सालों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा। उनका मानना है कि उद्योगों के जरिए प्रदेश का आर्थिक विकास भी तेज होगा, जिससे बिहार आत्मनिर्भर बनेगा। इस औद्योगिक पैकेज का लाभ लेने के लिए निवेशकों को 31 मार्च 2026 से पहले आवेदन करना अनिवार्य होगा।

अन्य महत्वपूर्ण कैबिनेट फैसले
इस कैबिनेट बैठक में केवल औद्योगिक पैकेज ही नहीं, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी कई फैसले लिए गए। पिछले सप्ताह हुई बैठक में सरकार ने सरकारी नौकरी की परीक्षाओं के लिए आवेदन शुल्क को घटाने का फैसला किया था, जिसके तहत अब प्रारंभिक परीक्षा के लिए केवल ₹100 शुल्क देना होगा और मुख्य परीक्षा निःशुल्क होगी। इसके अलावा, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नालंदा जिले के राजगीर में दो 5-सितारा होटल और वैशाली में एक 5-सितारा रिसॉर्ट PPP मॉडल पर बनाने का निर्णय लिया गया है। गन्ना उद्योग विभाग के लिए “बिहार ईख विकास सेवा नियमावली 2025” को भी मंजूरी दी गई। शिक्षा के क्षेत्र में, राजकीय शिक्षक पुरस्कार की राशि को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 कर दिया गया है।

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