बिहार की राजनीति में इस वक्त एक बड़े ऐतिहासिक बदलाव की आहट है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं और उनके बेटे निशांत कुमार की सक्रियता ने सूबे का सियासी पारा चढ़ा दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज राजभवन पहुंचे, जहाँ उन्होंने आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की। राजनीतिक गलियारों में इसे ‘विदाई प्रोटोकॉल’ के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार 10 से 14 मार्च के बीच अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उनके राज्यसभा जाने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है, जिसके बाद भाजपा और जदयू के बीच नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर गहन मंथन जारी है।
निशांत कुमार की ‘पॉलिटिकल लॉन्चिंग’;
नीतीश कुमार के राजनीति से हटने की चर्चाओं के बीच उनके बेटे निशांत कुमार ने मोर्चा संभाल लिया है। शुक्रवार को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें निशांत कुमार के साथ लगभग 24 विधायक शामिल हुए। दरअसल, बैठक में मंत्री श्रवण कुमार और कई वरिष्ठ नेताओं के साथ युवा विधायकों की मौजूदगी रही। बताया जा रहा है कि 8 मार्च को निशांत कुमार औपचारिक रूप से जदयू की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
भावुक हुए ‘नीतीश’, विधायकों ने किया विरोध;
शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक काफी भावुक रही। जब नीतीश कुमार ने अपने राज्यसभा जाने के फैसले को दोहराया, तो कई विधायक विरोध में उतर आए। विधायकों से भावुक अपील करते नीतीश कुमार ने कहा- “अब छोड़ दीजिए, मुझे जाने दीजिए।” वहीं, विधायक विनय चौधरी के अनुसार, मीटिंग में माहौल इतना गमगीन था कि कई विधायक रोने लगे। हालांकि, जब नीतीश कुमार ने अपने फैसले पर अडिग रहते हुए निशांत कुमार को आगे लाने का प्रस्ताव रखा, तो सभी विधायकों ने हाथ उठाकर अपनी सहमति दे दी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि वे राज्यसभा में रहकर भी बिहार की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
अगला कदम क्या होगा?
आज (शनिवार): नीतीश कुमार राज्यपाल से मुलाकात के बाद अपने गृह क्षेत्र बख्तियारपुर जाएंगे, जहाँ वे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।
8 मार्च: निशांत कुमार की जदयू में आधिकारिक एंट्री।
10-14 मार्च: मुख्यमंत्री पद से संभावित इस्तीफा और नए नेतृत्व का एलान।