सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। राज्य में एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनने जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार, 20 नवंबर 2025 को सुबह 11.30 बजे पटना के गांधी मैदान में शपथ लेंगे। इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे, जिसकी पुष्टि जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने की है।
आज, यानी बुधवार को NDA की ओर से सरकार गठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने हैं, जिस पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं। इसी क्रम में, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने विधायक दल की बैठक पार्टी कार्यालय में बुलाई है। इस बैठक में विधायक दल के नए नेता का चुनाव किया जाएगा।
सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे
भाजपा के संसदीय बोर्ड ने इसके लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है, जबकि केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति सह-पर्यवेक्षक के रूप में पटना पहुंच चुके हैं। सूत्रों के हवाले से यह खबर आ रही है कि भाजपा की ओर से विधान परिषद के सदस्य सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। उनका नाम इस पद के लिए सबसे आगे चल रहा है।
NDA की संयुक्त बैठक और नीतीश का चुनाव
भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के साथ बातचीत होगी और फिर एक महत्वपूर्ण NDA की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। दोपहर 3.30 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में होने वाली इस बैठक में NDA के सभी घटक दलों – भाजपा, जदयू, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (लोजपा (आर)), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम), और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) – के कुल 2022 विधायक उपस्थित रहेंगे।
इस संयुक्त बैठक में नीतीश कुमार, चिराग पासवान, संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा समेत सभी प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे। बैठक में सभी घटक दलों द्वारा चुने गए विधायक दल के नेताओं के प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। अंततः, NDA की ओर से नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके तुरंत बाद, वह राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे और दूसरी ओर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
अमित शाह का पटना दौरा और सियासी गर्माहट
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आज पटना पहुंचना भी इस राजनीतिक घटनाक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना रहा है। उनके आगमन को NDA की रणनीतिक बैठकों और मंत्रिमंडल के भावी स्वरूप को अंतिम रूप देने की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
राजधानी पटना में राजनीतिक हलचल साफ तौर पर महसूस की जा रही है। जगह-जगह लगे पोस्टरों ने भी सियासी माहौल को गरमा दिया है, जिनमें लोजपा (आर) प्रमुख चिराग पासवान के समर्थन में ‘बिहार का शेर’ जैसे नारे लिखे गए हैं। शपथ ग्रहण से ठीक एक दिन पहले पटना की इन राजनीतिक गतिविधियों ने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, और सभी की नजरें अब NDA के आधिकारिक फैसलों पर टिकी हैं। बिहार में नई सरकार के गठन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।