बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद RLJP में बड़ा राजनीतिक संकेत उभरकर सामने आया है। पार्टी अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने साफ कर दिया है कि अब संगठन की बागडोर युवा नेतृत्व के हाथों में सौंपी जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज पासवान और यशराज पासवान ही आगे पार्टी के कार्यक्रमों और संगठन विस्तार का नेतृत्व करेंगे। पारस का यह कदम RLJP में नई ऊर्जा और नए समीकरणों के दौर की शुरुआत माना जा रहा है, जहाँ दोनों युवा चेहरे पूरे बिहार में पार्टी को मजबूती देने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
बिहार चुनाव में मिली हार के बाद RLJP अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने पार्टी की कमान नई पीढ़ी को सौंपने का ऐलान किया है। पटना में स्थापना दिवस पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आगे पार्टी का नेतृत्व प्रिंस राज पासवान और यशराज पासवान संभालेंगे। पारस ने चुनाव परिणामों का सम्मान करते हुए आचार संहिता उल्लंघन पर सवाल उठाए और कहा कि राजनीति में हार-जीत से ऊपर संगठन को मजबूत बनाना जरूरी है। RLJP के स्थापना दिवस पर पटना में आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने साफ संकेत दे दिया कि अब पार्टी का भविष्य युवा नेतृत्व के हाथों में होगा। उन्होंने घोषणा की कि प्रिंस राज पासवान और यशराज पासवान मिलकर आगे संगठन को दिशा देंगे और पूरे बिहार में पार्टी को मजबूत बनाएंगे। साथ ही कहा कि 25 साल के सफर में पार्टी ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन लोकतंत्र में जनता के फैसले का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदान से दो दिन पहले महिलाओं को 10 हजार रुपये देकर आचार संहिता का खुला उल्लंघन हुआ, जिस पर चुनाव आयोग को संज्ञान लेना चाहिए। बावजूद इसके, उन्होंने कहा कि राजनीति में हार-जीत अंतिम सच नहीं होता है।
राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिए जाने पर पारस ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, आवास की कोई जरूरत थी नहीं। बिहार सरकार के पास बहुत सारे मकान खाली पड़े हुए हैं। मानवता के नाते और लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य और उम्र को देखते हुए यह कदम नहीं उठाया जाना चाहिए था। उन्होंने इसे अनावश्यक कार्रवाई बताते हुए कहा कि सत्ता में बैठी सरकार को सहानुभूति और संवेदनशीलता भी दिखानी चाहिए।