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दिल्ली: मंगलवार को संसद के शीतकालीन सत्र के आठवें दिन राज्यसभा में कार्यवाही सामान्य रूप से शुरू हुई थी। इस दौरान सदस्यों ने सार्वजनिक महत्व के कई मुद्दों को उठाया। बुधवार की कार्यवाही में विपक्षी सांसदों और सरकार के बीच तीखी नोक-झोंक देखने को मिली।
राज्यसभा में किसानों के मुद्दे पर हंगामा हुआ और इस पर चर्चा करने से अध्यक्ष ने इनकार कर दिया, जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने विरोध जताया। इस पर अध्यक्ष जगदीप धनखड़ ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मगरमच्छ के आंसुओं से किसानों का भला नहीं होने वाला। आप केवल इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं और समाधान की बजाय विवाद पैदा कर रहे हैं। किसानों को आप अंतिम प्राथमिकता देते हैं।”
लोकसभा में भी आज कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठे, जिनमें केरल और तमिलनाडु में लंबित रेलवे परियोजनाओं पर चर्चा की गई। सांसद हिबी ईडन ने केरल में लंबित रेलवे परियोजनाओं के बारे में सवाल किया, तो केंद्रीय रेल मंत्री ने इसका कारण राज्य सरकार की भूमि अधिग्रहण से संबंधित समस्याओं को बताया। वहीं, सांसद टी.आर. बालू ने तमिलनाडु की अधूरी रेलवे परियोजनाओं की ओर इशारा किया और कहा कि राज्य को अकेले इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
कांग्रेस ने भी आज कुछ मुद्दों पर चर्चा की मांग की। सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी पर चर्चा करने के लिए राज्यसभा में नियम 267 के तहत बिजनेस सस्पेंशन नोटिस दिया। इसके अलावा, सांसद विजय वसंत ने शहरी क्षेत्रों में बैंकों द्वारा कृषि ऋण जारी करने से इंकार करने के मुद्दे पर लोकसभा में कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश किया।