वैशाली में सियासी ताकत दिखाने में जुटे पशुपति पारस, चिराग संग मतभेद फिर उभरने के आसार

Rahul
By Rahul

सिटी पोस्ट लाइव

पटना/वैशाली। जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक आ रहा है, राजनीतिक दल अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में चुनावी इफ्तार पार्टियों का दौर भी जारी है। 26 मार्च 2025 को केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस और प्रिंस पासवान वैशाली के लालगंज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक इफ्तार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के घोषित प्रत्याशी बिट्टू गुप्ता ने उनका जोरदार स्वागत किया और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ संवाद भी किया।

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इस इफ्तार समारोह में हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग पहुंचे। जब पत्रकारों ने चुनावी गठबंधन को लेकर पशुपति पारस से सवाल किया, तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और केवल संकेतों में बात की। वहीं, प्रिंस पासवान ने अपनी पुरानी लाइन दोहराते हुए कहा कि उनका गठबंधन जनता के साथ है। उन्होंने बताया कि बिट्टू गुप्ता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इस कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने पर वे सम्मान देने के लिए आए हैं, लेकिन इसे किसी सियासी रणनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

किस गठबंधन का हिस्सा बनेंगे पशुपति पारस?

बिट्टू गुप्ता ने भी गठबंधन और आगामी चुनावों को लेकर कोई ठोस बयान देने से बचते हुए गोलमोल जवाब दिया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 2025 के विधानसभा चुनावों में पशुपति पारस किस गठबंधन का हिस्सा बनेंगे, इसकी तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अभी तक अपने दरवाजे बंद रखे हैं, जबकि अंदरखाने की खबरें बताती हैं कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ RLJP की सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत चल रही है।

इस तरह के सियासी कार्यक्रमों से पशुपति पारस को कितना राजनीतिक फायदा मिलेगा, यह तो आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन इतना तय है कि राजद के साथ जाना उनकी मजबूरी बनती जा रही है, और तेजस्वी यादव इस हकीकत को बखूबी समझते हैं। यही वजह है कि गठबंधन में RLJP को कितनी अहमियत दी जाएगी, यह पार्टी नेतृत्व के लिए भी सोचने का विषय बना हुआ है।

इधर, लालगंज में बिट्टू गुप्ता लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत कर रहे हैं। आगामी चुनावों में किस सीट पर किस दल का कब्जा होगा, इसका इंतजार सभी उम्मीदवारों को है। फिलहाल, RLJP और राजद के संभावित गठबंधन पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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