पटना: करमली चक में प्लास्टिक गोदाम में लगी भीषण आग, एनएच के पास मची अफरातफरी; 13 दमकल गाड़ियां मौके पर

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
राजधानी पटना के बाईपास थाना क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे (NH) के पास करमली चक इलाके में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक विशाल प्लास्टिक गोदाम में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि उसकी लपटें और काला धुआं कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया और एहतियात के तौर पर प्रशासन को आसपास के रिहायशी इलाकों को खाली कराना पड़ा।

तेजी से फैली लपटें, आसमान में छाया काला धुआं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह अचानक गोदाम के एक हिस्से से धुआं निकलता देखा गया, लेकिन देखते ही देखते आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। गोदाम में रखे अत्यधिक ज्वलनशील प्लास्टिक उत्पादों के कारण लपटें काफी ऊंची उठने लगीं। प्लास्टिक के जलने से निकलने वाले जहरीले धुएं के कारण स्थानीय निवासियों को सांस लेने में कठिनाई होने लगी, जिसके बाद लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।

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फायर ब्रिगेड का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने मोर्चा संभाला। शुरुआत में 3 गाड़ियों को भेजा गया था, लेकिन आग की विकरालता को देखते हुए 13 से अधिक फायर टेंडरों को तैनात करना पड़ा। दमकलकर्मियों ने पानी के साथ-साथ फोम का इस्तेमाल किया ताकि प्लास्टिक की आग पर काबू पाया जा सके। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग को आसपास के अन्य गोदामों और रिहायशी इमारतों तक फैलने से रोका गया।

नेशनल हाईवे पर लगा जाम, इलाका कराया गया खाली
आग बुझाने के अभियान के दौरान पुलिस ने नेशनल हाईवे पर यातायात को आंशिक रूप से रोक दिया, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से गोदाम के नजदीक स्थित घरों और दुकानों को खाली करा लिया है। फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है, जो एक बड़ी राहत की बात है। हालांकि, प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करोड़ों रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई है।

जांच के घेरे में सुरक्षा मानक
आग लगने का स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन प्रथम दृष्टया इसे शॉर्ट-सर्किट का मामला माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गोदाम में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) मानकों के पालन की भी जांच की जाएगी। इस भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर घनी आबादी वाले और व्यावसायिक इलाकों में सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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