सिटी पोस्ट लाइव
बिहार पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त छापेमारी कर नालंदा जिले में एक बड़ी हथियार तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें झारखंड के तीन सगे भाई भी शामिल हैं। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध हथियार, AK-47 के कारतूस और चाइना मेड पिस्टल बरामद की हैं।
गिरफ्तार किए गए तस्करों में मुंगेर निवासी सौरभ झा, नालंदा के परवेज और झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के महबूब, जाहिद हुसैन, तथा जीआरजई नामक तीन सगे भाई शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से पांच चाइना मेड पिस्टल, 153 AK-47 के जिंदा कारतूस, छह मैगजीन और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया है।
यह कार्रवाई लहेरी थाना क्षेत्र के सोहन कुआं मोहल्ले के त्रिभूवन प्रसाद के फ्लैट पर की गई, जहाँ पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड से कुछ तस्कर हथियार लेने आ रहे हैं। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने मिलकर इस सूचना पर कार्रवाई की और सभी आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, झारखंड के तीनों आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और विभिन्न अपराधों के मामले में जेल जा चुके थे। परवेज, जो इस तस्करी गिरोह का मुख्य सूत्रधार था, 2013 में भी पुलिस द्वारा 600 कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी केवल हथियार तस्करी में ही नहीं, बल्कि रियल एस्टेट कारोबार में भी शामिल थे। पुलिस का मानना है कि अवैध हथियारों से हुई कमाई को वैध दिखाने के लिए रियल एस्टेट के धंधे का इस्तेमाल किया जा रहा था।
पुलिस अब तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी है और पूछताछ के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियारों की आपूर्ति कहां से हो रही थी और इनका आखिरकार इस्तेमाल किसके द्वारा किया जाना था। इस कार्रवाई को नालंदा और आसपास के जिलों में अपराध पर अंकुश लगाने के लिहाज से एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।