पटना नगर निगम की बड़ी स्ट्राइक: दीवारों पर अवैध पेंटिंग की तो भरना होगा भारी जुर्माना, ‘No Ad Zone’ घोषित…

Ritu Raj

पटना को सुंदर और व्यवस्थित बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक ऐसा दांव चला है, जिसने दीवारों को “पोस्टर वॉर” का अखाड़ा बनाने वालों की नींद उड़ा दी है। अब राजधानी में मनमर्जी से कूची चलाना या विज्ञापन चिपकाना सीधा आपकी जेब पर हमला करेगा। पटना की दीवारों पर अब सिर्फ रंगों का कब्जा नहीं होगा, बल्कि उन पर नगर निगम के कड़े कायदे-कानूनों की छाप भी दिखेगी। यह कदम पटना को एक ग्लोबल शहर की पहचान दिलाने की कवायद है।

जुर्माने का ‘मीटर’ और नई पॉलिसी;
बिना इजाजत शहर की सूरत बिगाड़ने वालों के लिए निगम ने 400 रुपये प्रति वर्गफीट का भारी-भरकम जुर्माना तय किया है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से उन एजेंसियों और राजनीतिक रसूखदारों पर लगाम कसने के लिए है, जो मुफ़्त की पब्लिसिटी के चक्कर में सरकारी पुलों, इमारतों और निजी दीवारों को बदरंग कर देते थे।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

प्रमुख बदलाव जो आपको जानने चाहिए;
ऐतिहासिक इमारतों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक चौराहों को पूरी तरह विज्ञापन मुक्त घोषित कर दिया गया है। यहाँ पेंटिंग की तो क्या, विज्ञापन के बारे में सोचने पर भी कार्रवाई हो सकती है। वहीं, अब नियम तोड़ने पर सीधे जुर्माने की पर्ची कटेगी। अनुशासनहीनता के लिए अब कोई ‘सॉफ्ट कॉर्नर’ नहीं बचा है। अगर आपकी पेंटिंग का मकसद शहर को खूबसूरत बनाना है और उसमें कोई कमर्शियल एंगल नहीं है, तो निगम आपको अनुमति के साथ छूट भी दे सकता है। यानी कला के लिए द्वार खुले हैं, लेकिन अराजकता फैलाने के लिए नहीं है।

Share This Article