पटना में ‘बाबू-सोना’ पर पोस्टर वार: हिंदू संगठनों की लाठी वाली धमकी को RJD ने बताया ‘नफरत की साजिश’

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
‘वैलेंटाइन डे’ में अभी दो दिन शेष हैं, लेकिन बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर अभी से तनाव और चेतावनी के पोस्टर नजर आने लगे हैं। शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर लगे इन पोस्टरों ने प्रेमी जोड़ों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं इस मुद्दे पर अब सूबे में सियासी घमासान भी शुरू हो गया है।

हिंदू शिवभवानी सेना की सख्त चेतावनी
पटना की सड़कों पर ‘हिंदू शिवभवानी सेना’ के नाम से जगह-जगह पोस्टर चिपकाए गए हैं, जिन पर बड़े अक्षरों में लिखा है— “जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना”। इन पोस्टरों के माध्यम से संगठन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि 14 फरवरी को यदि कोई भी प्रेमी जोड़ा पार्क, रेस्तरां या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर “अश्लीलता” फैलाते हुए पाया गया, तो संगठन के कार्यकर्ता लाठी-डंडों से उन्हें सबक सिखाएंगे।

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संगठन का तर्क है कि वैलेंटाइन डे भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह अश्लीलता, नग्नता और ‘लव जिहाद’ जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने का एक जरिया मात्र है। उन्होंने घोषणा की है कि उनकी टीमें पूरे शहर में गश्त करेंगी और स्थिति पर नजर रखेंगी।

वैलेंटाइन डे बनाम पुलवामा शहीद दिवस
इन पोस्टरों में न केवल चेतावनी दी गई है, बल्कि भावनात्मक अपील भी की गई है। संगठन ने लोगों से आग्रह किया है कि 14 फरवरी को खुशियां मनाने के बजाय उन सैनिकों को श्रद्धांजलि दें, जिन्होंने पुलवामा आतंकी हमले में अपनी शहादत दी थी। उनके अनुसार, चॉकलेट डे से शुरू होने वाला यह पूरा सप्ताह भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ है और इस दिन का सदुपयोग केवल शहीदों को याद करने के लिए किया जाना चाहिए।

आरजेडी का कड़ा प्रहार: नफरत फैलाने की साजिश
इन पोस्टरों के सामने आने के बाद बिहार में राजनीति गर्मा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इसे भाजपा की विचारधारा से जोड़ते हुए कड़ी आलोचना की है। आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि भाजपा और उससे जुड़े संगठन केवल नफरत की भाषा समझते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे संगठन समाज में वैमनस्य और संघर्ष पैदा करने की साजिश रच रहे हैं। एजाज अहमद ने कहा, “ये लोग केवल तोड़ना जानते हैं, बनाना नहीं। नफरत के जरिए प्यार को खत्म करने की यह कोशिश निंदनीय है।”

फिलहाल, इन पोस्टरों ने पटना के युवाओं और प्रशासन के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि 14 फरवरी को पुलिस प्रशासन सुरक्षा के क्या इंतजाम करता है।

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