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पटना। राजधानी पटना में रविवार को आरजेडी कार्यालय के बाहर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे। इस प्रदर्शन के दौरान उनका एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वे कार्यकर्ताओं के साथ आरक्षण से जुड़े पोस्टर लिए नजर आ रहे हैं। धरने की जानकारी खुद तेजस्वी यादव ने शनिवार रात को अपने एक्स अकाउंट पर साझा की थी।
आरक्षण को संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल करने की मांग
धरना स्थल से तेजस्वी यादव ने कहा, “महागठबंधन सरकार के दौरान बिहार में जातीय गणना कराई गई, जिसके बाद आरक्षण की सीमा बढ़ाई गई। हमने 16% अतिरिक्त आरक्षण देकर इसे 65% तक पहुंचाया। केंद्र सरकार से आग्रह किया गया था कि इस बढ़े हुए आरक्षण को संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल किया जाए, लेकिन केंद्र ने इसे नजरअंदाज कर दिया।”
उन्होंने आगे कहा कि यह मामला पटना हाईकोर्ट में पहुंचा, जहां आरक्षण को रद्द कर दिया गया। अब यह सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और हम मजबूती से अपनी बात रखेंगे। हमारा लक्ष्य 65% आरक्षण को लागू करवाकर इसे नौंवी अनुसूची में शामिल कराना है।

नौकरी से वंचित हुए हजारों युवा
तेजस्वी यादव ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “हमारी सरकार द्वारा बढ़ाए गए 65% आरक्षण को रोकने से अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को सीधे 16% आरक्षण का नुकसान हुआ है। इसके कारण 50,000 से अधिक युवाओं को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा।”
उन्होंने कहा कि TRE-3 शिक्षक भर्ती के तीसरे चरण में आरक्षण लागू न होने से भी हजारों अभ्यर्थी नौकरियों से वंचित रह गए हैं। तेजस्वी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि वंचित वर्गों को उनका अधिकार दिलाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे।