प्रशांत किशोर का आह्वान अपने बच्चों के भविष्य के लिए जाति और लालच छोड़ो

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक नया मोड़ लाने का दावा करते हुए प्रशांत किशोर ने पुराने नेताओं पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा, “हम नेता नहीं हैं, हम सिर्फ आपके बीच से एक आवाज बनकर आए हैं। आपने जो नेताओं को बार-बार सत्ता में देखा, वे कभी भी आपकी समस्याओं का समाधान नहीं कर पाए।”

प्रशांत किशोर ने बिहार के जनता से अपील करते हुए कहा कि वे अब उन नेताओं से ऊब चुके हैं जो हर चुनाव में सिर्फ वादे करके वापस चले जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “हम वोट नहीं मांगते, क्योंकि वोट मांगने का मतलब सिर्फ आपके साथ धोखा करना है। पिछले कई दशकों से आपने कांग्रेस, लालू यादव और नीतीश कुमार को सत्ता में देखा है, लेकिन क्या बदलाव आया?” उन्होंने आगे कहा, “हम न तो नाली-गली बनवाने आए हैं, न ही राशन कार्ड की राजनीति करने आए हैं। हम केवल एक रास्ता दिखाने आए हैं — गरीबी से बाहर निकलने का रास्ता। अगर आप हमारे रास्ते को अपनाते हैं, तो हम वादा करते हैं कि हम आपको धोखा नहीं देंगे और आपके बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे।”

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प्रप्रशांत किशोर ने बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “आपके पास पहनने के लिए ठीक कपड़े नहीं हैं, खाने को पर्याप्त राशन नहीं मिलता, और बच्चे बीमार होते हैं तो इलाज के लिए अस्पताल, डॉक्टर और दवाइयां भी नहीं मिलतीं। ये वही नेता हैं, जो हर चुनाव में आते हैं, आपको वादा करते हैं, लेकिन जब सत्ता में आते हैं तो आपका कोई हाल नहीं होता।”

उन्होंने बिहार के लोगों से सवाल किया कि कैसे वे उन नेताओं को वोट देते हैं, जो चुनाव के समय तो उनके पास आते हैं, लेकिन बाकी समय उनके जीवन में कोई सुधार नहीं लाते। “देखिए, आप लोग जातिवाद और 500 रुपये के लालच में वोट देते हैं, मुर्गा भात खाकर लालू और भाजपा के डर से नारे लगाते हैं। यही लोग आपके बच्चों का भविष्य तबाह कर रहे हैं, फिर भी आप इन्हें वोट देकर राजा बना देते हैं। और फिर वे कह रहे हैं कि हम आपके बच्चों के भविष्य की चिंता करते हैं, जबकि सच तो यह है कि यही लोग आपके बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।” प्रशांत किशोर ने लालू यादव का उदाहरण देते हुए कहा, “लालू जी अपने बच्चों की चिंता करते हैं, लेकिन क्या आपने देखा है कि उनका खुद का बेटा क्या करता है? उनके बच्चे ने नौवीं कक्षा तक नहीं पढ़ाई की, फिर भी वे चाहते हैं कि उनका बेटा बिहार का राजा बने। ” उन्होंने लोगों से अपील की कि अब समय आ गया है कि वे उन नेताओं को पहचानें जो असल में उनके बच्चों के भविष्य के लिए चिंतित हैं, न कि सिर्फ चुनावी लाभ के लिए उनके साथ धोखा करते हैं।

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