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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देशवासियों को मकर संक्रांति, माघ बिहू और पोंगल के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर देश के नागरिकों को एक पत्र भी लिखा, जिसमें उन्होंने इन त्योहारों के सांस्कृतिक महत्व और राष्ट्र की एकता में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये पर्व हमारे जीवन में नई उम्मीद, सकारात्मकता और भाईचारे का संचार करते हैं।
मकर संक्रांति: किसानों के प्रति आभार का पर्व
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मकर संक्रांति पूरे भारत में अलग-अलग रूपों और नामों से मनाई जाती है, लेकिन इसके पीछे की भावना और उत्साह एक समान होता है। उन्होंने विशेष रूप से किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि यह त्योहार उन अन्नदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है, जो अपनी कड़ी मेहनत से पूरे देश का पोषण करते हैं। यह पर्व कृषि और प्रकृति के बीच के अटूट संबंध को दर्शाता है।
बिहू और पोंगल: संस्कृति और परंपरा का संगम
माघ बिहू की शुभकामनाएं देते हुए पीएम मोदी ने इसे असमिया संस्कृति का प्रतिबिंब बताया। उन्होंने कहा कि यह फसल कटाई के मौसम के पूरा होने का उत्सव है, जो खुशी, गर्मजोशी और भाईचारे का संदेश देता है।
वहीं, पोंगल के अवसर पर प्रधानमंत्री ने ‘वणक्कम’ के साथ लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि पोंगल मानवीय श्रम की गरिमा और ग्रामीण जीवन के उत्सव का प्रतीक है। उन्होंने तमिल परंपराओं की समृद्धि की सराहना करते हुए कहा कि भारत को गर्व है कि वह दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक, तमिल का घर है। यह त्योहार परिवारों को एक साथ लाता है और सामाजिक बंधनों को मजबूत करता है।
केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के आवास पर पोंगल उत्सव
त्योहारों के इस उल्लास के बीच, प्रधानमंत्री आज राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के आवास पर आयोजित पोंगल समारोह में भी शामिल होंगे। यह आयोजन दिल्ली में दक्षिण भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकजुटता की एक सुंदर झलक पेश करेगा। प्रधानमंत्री ने अंत में कामना की कि ये सभी त्योहार हर किसी के जीवन में शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सफलता लेकर आएं। देशभर में लोहड़ी, उत्तरायण और माघ बिहू के रूप में मनाए जा रहे ये उत्सव भारत की ‘विविधता में एकता’ को और प्रगाढ़ करते हैं।