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बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन, कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक अमरेंद्र पांडे ने विधिवत रूप से शपथ ग्रहण कर लिया है। पहले दो दिनों के निर्धारित शपथ ग्रहण समारोहों में अनुपस्थित रहने के बाद, विधायक अमरेंद्र पांडे ने आज विधानसभा स्पीकर के कक्ष में शपथ ली और सदन में अपनी सदस्यता सुनिश्चित की।
नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह किसी भी सत्र के शुरुआती चरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जो उन्हें सदन की कार्यवाही में पूरी तरह भाग लेने का कानूनी अधिकार देता है। इस बार विधानसभा ने नए सदस्यों को शपथ दिलाने के लिए दो दिनों का समय निर्धारित किया था। पहले दिन पाँच विधायक शपथ नहीं ले पाए थे, जिसके बाद उन्हें दूसरे दिन आमंत्रित किया गया। दूसरे दिन भी दो विधायक अनुपस्थित रहे थे।
निजी पारिवारिक कारण बनी गैरहाजिरी की वजह
अमरेंद्र पांडे की लगातार दो दिन की गैरहाजिरी ने ध्यान आकर्षित किया था। हालांकि, मिली जानकारी के अनुसार, उनकी अनुपस्थिति का मुख्य कारण निजी पारिवारिक स्थिति थी। बताया गया कि उनके भतीजे की तबीयत खराब थी और वह अस्पताल में भर्ती थे, जिसके कारण अमरेंद्र पांडे परिवार की प्राथमिकता को देखते हुए निर्धारित समारोहों में शामिल नहीं हो पाए थे।
जैसे ही उनके भतीजे की तबीयत में थोड़ा सुधार आया, विधायक अमरेंद्र पांडे तुरंत विधानसभा पहुंचे और आज, सत्र के अंतिम दिन, उन्होंने अपनी शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी की। विधानसभा स्पीकर के कक्ष में उन्हें संविधान के प्रति निष्ठा और ईमानदारी से कर्तव्य निभाने की विधिवत शपथ दिलाई गई।
अब क्षेत्र की आवाज उठा सकेंगे सदन में
कुचायकोट से अमरेंद्र पांडे का विधिवत सदस्य बनना सुनिश्चित हो गया है। शपथ ग्रहण केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह विधायक को सदन में अपनी सदस्यता की कानूनी मान्यता और राज्य के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का अधिकार प्रदान करता है।
अब अमरेंद्र पांडे कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में विधानसभा में अपने क्षेत्र की आवाज उठाने और क्षेत्रीय विकास के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने में सक्षम होंगे। उनका सक्रिय योगदान न केवल उनके व्यक्तिगत राजनीतिक करियर के लिए, बल्कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के लिए भी विशेष महत्व रखता है।
इस शपथ ग्रहण के साथ ही यह सुनिश्चित हो गया है कि आगामी विधानसभा कार्यों और बहसों में नए विधायकों की भागीदारी सुनिश्चित होगी, जो राज्य की राजनीतिक और सामाजिक प्रगति के लिए आवश्यक है।