सिटी पोस्ट लाइव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के ख़िलाफ़ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में, बिहार में एनडीए के महिला विंग ने आज (गुरुवार) पांच घंटे का बंद बुलाया। यह घटना कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान हुई, जिसका नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे थे।
एनडीए का विरोध प्रदर्शन
एनडीए के महिला विंग के नेतृत्व में यह बंद सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रभावी रहा। इस दौरान आपातकालीन सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया था। बिहार की राजधानी पटना सहित अन्य प्रमुख शहरों की मुख्य सड़कें सुनसान रहीं, क्योंकि बसें और ऑटो जैसे सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहे। भाजपा और जदयू के कार्यकर्ताओं ने पटना और अन्य इलाकों में विरोध प्रदर्शन किए। पटना के आयकर गोलंबर पर प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस और राजद के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की और तख्तियां लहराईं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने की निंदा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह विरोध ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान दरभंगा में एक मंच से इस्तेमाल की गई “अपमानजनक भाषा” के ख़िलाफ़ है। उन्होंने एक कथित वीडियो का हवाला दिया, जिसमें राहुल गांधी की रैली के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति प्रधानमंत्री मोदी और उनकी मां के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए दिख रहा है।
जायसवाल ने इस कृत्य को “सभी माताओं का अपमान” बताया। उन्होंने कहा कि बंद का उद्देश्य इस घटना का विरोध करना है, और यह सुनिश्चित किया गया है कि आम जनता को कम से कम असुविधा हो। जायसवाल ने कहा, “राजद और कांग्रेस के मंच से प्रधानमंत्री और उनकी मां के ख़िलाफ़ इस्तेमाल की गई अपमानजनक भाषा की सभी एनडीए नेताओं ने कड़ी निंदा की है। यह सिर्फ मोदी की मां का नहीं, बल्कि सभी माताओं का अपमान था।”
आरोप और प्रत्यारोप की राजनीति
इस घटना के बाद से बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है। एनडीए के नेता कांग्रेस और राजद पर निचले स्तर की राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस और राजद के नेता इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, या यह कह रहे हैं कि यह जानबूझकर विरोधियों द्वारा की गई हरकत है। इस बंद ने आगामी चुनावों से पहले बिहार की राजनीतिक हवा को और गर्म कर दिया है। यह घटना यह भी दर्शाती है कि कैसे राजनीतिक बहस में व्यक्तिगत और परिवार पर हमले बढ़ते जा रहे हैं।