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राहुल गांधी की प्रस्तावित यात्रा से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने मोतिहारी में उन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी की यात्रा में जो भीड़ दिख रही है, वह सिर्फ चुनाव में टिकट चाहने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की है। उन्होंने कहा कि यह भीड़ इतनी कम है कि राहुल गांधी को अब अपनी मां और बहन को बुलाना पड़ रहा है, जिससे चुनावी समीकरणों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
राजद में मायूसी, महागठबंधन में टूट
शाहनवाज हुसैन ने महागठबंधन की अंदरूनी कलह पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राहुल की यात्रा से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में भारी मायूसी है, क्योंकि कांग्रेस ने अभी तक तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं माना है। इसी कारण राजद के नेताओं में असंतोष और आपसी प्रतिस्पर्धा साफ देखी जा रही है।
वहीं, उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की एकजुटता का दावा किया। उन्होंने कहा, “एनडीए पूरी तरह से एकजुट है, जबकि महागठबंधन में टूट साफ नजर आ रही है। महागठबंधन के नेता हताश और परेशान हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी जैसे सभी सहयोगी दल एनडीए के साथ हैं और इस बार बिहार में 200 से अधिक सीटें जीतकर मोदी-नीतीश के नेतृत्व में फिर से सरकार बनाएंगे।
‘चोरी’ शब्द से प्यार और झूठे सपने
शाहनवाज ने राजद और कांग्रेस पर व्यंग्य करते हुए कहा कि इन दोनों दलों को ‘चोरी’ शब्द से प्यार हो गया है, क्योंकि उन्होंने खुद वर्षों तक भ्रष्टाचार किया है और इसीलिए उन्हें हर कोई चोर ही नजर आता है। उन्होंने विपक्ष और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा, “विपक्ष हो या प्रशांत किशोर, सब सिर्फ बातें बना रहे हैं, जबकि हमने बिहार में काम किया है।” उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है, जिससे बिहार तेजी से तरक्की कर रहा है। प्रशांत किशोर के जन सुराज अभियान को “झूठे सपने दिखाने वाला” बताते हुए उन्होंने कहा, “वो सिर्फ लोगों को झूठे सपने दिखा रहे हैं… उन्होंने कभी अपने दम पर चुनाव नहीं लड़ा। इस बार सबको समझ में आ जाएगा।” शाहनवाज हुसैन के इस बयान से साफ है कि आगामी चुनाव से पहले बिहार में राजनीतिक बयानबाजी और हमले और भी तीखे होने वाले हैं।