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बिहार में राज्यसभा चुनाव 2026 की बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। एनडीए (NDA) ने गठबंधन के भीतर सीटों के तालमेल और उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है। इस चुनाव की सबसे बड़ी खबर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) की ओर से आई है, जहाँ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा खुद उच्च सदन के लिए मैदान में उतरेंगे। भाजपा के उम्मीदवारों के ऐलान के बाद अब एनडीए की तस्वीर साफ हो गई है।
उपेंद्र कुशवाहा की राज्यसभा में वापसी
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता नितिन भारती ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि एनडीए के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई गहन मंत्रणा के बाद उपेंद्र कुशवाहा को आधिकारिक उम्मीदवार बनाया गया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से उपेंद्र कुशवाहा की राज्यसभा जाने की चर्चाएँ जोरों पर थीं। वे 5 मार्च को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कुशवाहा के राज्यसभा जाने से एनडीए के भीतर पिछड़ा वर्ग का समीकरण और मजबूत होगा।
संजय सरावगी का एलान: पांचों सीटों पर होगी दावेदारी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पटना में मीडिया से बात करते हुए साफ कर दिया कि एनडीए केवल अपनी सुरक्षित सीटों पर ही नहीं, बल्कि सभी पांचों सीटों पर नामांकन दाखिल करने की तैयारी में है। उन्होंने पुष्टि की कि भाजपा की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश कुमार उम्मीदवार होंगे। सरावगी ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि गठबंधन के पास पर्याप्त संख्याबल है और सभी पांचों सीटों पर एनडीए की जीत सुनिश्चित है।
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए एनडीए ने अपना चुनावी गणित पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है, जिसके तहत गठबंधन के ‘सीट शेयरिंग’ फॉर्मूले में भारतीय जनता पार्टी के खाते में 2 सीटें आई हैं, जिन पर पार्टी ने नितिन नवीन और शिवेश कुमार को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं, जनता दल (यूनाइटेड) भी 2 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जिनके नामों की घोषणा जल्द होने की संभावना है, जबकि शेष 1 सीट राष्ट्रीय लोक मोर्चा के हिस्से में गई है जहाँ से खुद उपेंद्र कुशवाहा मैदान में उतरेंगे।
5 मार्च को बड़ा शक्ति प्रदर्शन
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है। आगामी 5 मार्च को एनडीए के सभी उम्मीदवार एक साथ नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेताओं के मौजूद रहने की उम्मीद है। यह नामांकन प्रक्रिया बिहार की सियासत में एनडीए की एकजुटता दिखाने का एक बड़ा मंच भी बनेगी।