बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हो रहा मतदान अब अपने अंतिम और निर्णायक पड़ाव पर है। शाम 5 बजे वोटिंग खत्म होने वाली है, लेकिन विपक्षी महागठबंधन के भीतर मची हलचल ने एनडीए की राह आसान कर दी है।
महाठबंधन के लिए संकट के बादल;
विपक्षी खेमे से चार विधायकों की अनुपस्थिति ने आरजेडी के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। पूर्वी चंपारण के ढाका से राजद विधायक फैसल रहमान अचानक गायब हो गए हैं, जिससे पार्टी नेतृत्व में हड़कंप मच गया है। कांग्रेस की चिंता है कि उनके तीन प्रमुख विधायकों ने भी अब तक मतदान केंद्र पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है। इनमें मनोहर प्रसाद (मनिहारी, कटिहार), मनोज विश्वास (फारबिसगंज, अररिया) और सुरेन्द्र कुशवाहा (वाल्मीकिनगर, बगहा) शामिल हैं।
एनडीए की बढ़त और क्रॉस वोटिंग की आशंका;
जहाँ महागठबंधन अपने विधायकों को एकजुट करने में संघर्ष कर रहा है, वहीं एनडीए के सभी 202 विधायकों ने अपना मतदान पूरा कर लिया है। एनडीए नेताओं द्वारा पहले ही ‘क्रॉस वोटिंग’ का दावा किया जा रहा था, जो अब इन चार विधायकों की अनुपस्थिति से सच साबित होता दिख रहा है। परिणाम का गणित ऐसा है कि यदि ये चार विधायक शाम 5 बजे तक वोट नहीं डालते हैं, तो आरजेडी उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह की जीत की संभावनाएं धूमिल हो जाएंगी। ऐसी स्थिति में, राज्यसभा की पांचों सीटों पर एनडीए का पूर्ण कब्जा होना लगभग तय माना जा रहा है