सिटी पोस्ट लाइव
नई दिल्ली/रांची। झारखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट से एक और बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने भाजपा नेता निशिकांत दुबे, अर्जुन मुंडा और बाबूलाल मरांडी समेत 28 नेताओं को राहत देने वाले हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। यह मामला 2023 में राज्य सरकार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा था, जिसमें इन नेताओं पर दंगा भड़काने के आरोप लगे थे।
इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य मामले में झारखंड सरकार की याचिका खारिज की थी। यह याचिका भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और मनोज तिवारी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर थी। उन पर 2022 में देवघर हवाई अड्डे पर विमानन नियमों के उल्लंघन और सूर्यास्त के बाद विमान उड़ान की अनुमति दिलाने के लिए एटीसी पर दबाव डालने का आरोप था। हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द कर दी थी, जिसे चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने इस आधार पर झारखंड सरकार की याचिका खारिज की कि लोकसभा सचिवालय की पूर्व मंजूरी के बिना दर्ज एफआईआर वैध नहीं थी। अदालत ने इस मामले में 18 दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रखा था।