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बिहार पुलिस राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने और आधुनिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में अब राजधानी पटना के सभी प्रमुख सरकारी भवनों और कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए बड़े पैमाने पर हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यह जानकारी बिहार पुलिस के ADG आधुनिकीकरण, सुधांशु कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
सुधांशु कुमार ने बताया कि सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए करोड़ों रुपये की राशि आवंटित कर दी है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी जिला एवं सत्र न्यायालयों, पटना उच्च न्यायालय और सचिवालय जैसी महत्वपूर्ण इमारतों की सुरक्षा को पुख्ता करना है। इन ‘तीसरी आंख’ (सीसीटीवी) की मदद से किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा सकेगी, जिससे अपराधों पर अंकुश लगाने और त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
आधुनिकीकरण की पहल केवल राजधानी तक सीमित नहीं है। ADG सुधांशु कुमार ने यह भी बताया कि अब बिहार पुलिस की महत्वपूर्ण इकाइयाँ जैसे आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS), विशेष कार्य बल (STF), अपराध अनुसंधान विभाग (CID) और खुफिया ब्यूरो (IB) के कार्यालय भी क्षेत्रीय स्तर पर स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए सरकार द्वारा पूर्व में ही करोड़ों की राशि उपलब्ध कराई गई थी। इस राशि का उपयोग करते हुए मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा और मुंगेर में क्षेत्रीय कार्यालय बनकर तैयार हो चुके हैं।
शेष क्षेत्रीय कार्यालयों का निर्माण कार्य भी बहुत जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इन क्षेत्रीय कार्यालयों के खुलने से बिहार पुलिस की ये सभी विशिष्ट विंग्स स्थानीय स्तर पर कम समय में और अधिक प्रभावी तरीके से अपना काम कर सकेंगी। इससे त्वरित खुफिया जानकारी साझा करने, आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और जांच प्रक्रियाओं में तेजी लाने में मदद मिलेगी, जिससे समग्र पुलिसिंग व्यवस्था में सुधार आएगा। यह कदम बिहार पुलिस को और अधिक सक्रिय और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।