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पटना: उत्तराखंड में UCC बिल के खिलाफ बीजेपी की पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद के वरिष्ठ नेता और बिहार विधान परिषद के सदस्य पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि बीजेपी संविधान से कोई संबंध नहीं रखती, बल्कि उन्माद की राजनीति करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी का मकसद समाज में नफरत फैलाना है, जबकि संविधान और समाज के बीच गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि UCC लागू करके द्वेष, घृणा, ऩफ़रत का संदेश देना चाहते है। और संविधान के प्रतिकुल आचरण करना चाहते है। उन्होंने UCC लागू करने पर घोेर विरोध किया।
सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि वह समाजवादी विचारधारा से जुड़े हुए हैं और लंबे समय तक उनके साथ काम कर चुके हैं। उनका मानना है कि नीतीश कुमार संविधान के खिलाफ कभी भी नहीं जाते, न ही वह भविष्य में ऐसा करेंगे। जब नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार द्वारा अपने पिता की तारीफ और बिहारवासियों से वोट की अपील पर सवाल उठाए गए, तो सिद्दीकी ने कहा कि निशांत कुमार अपने पिता की पहचान से वोट मांगने का हक रखते हैं, और इसमें कोई गलत बात नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर लोग अपने माता-पिता के लिए वोट नहीं मांगेंगे, तो फिर किसके लिए मांगेंगे!
सिद्दीकी ने नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर आई अफवाहों का भी खंडन किया और कहा कि वह हमेशा स्वस्थ और खुश रहें, ताकि राज्य और देश के लिए काम कर सकें। उन्होंने कहा कि, लालू जी का सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में मिशाल है कि कभी भी समाज को तोड़ने या धार्मिक उन्माद फैलाने वाले लोगों का सिर्फ विरोध ही नहीं किया, बल्कि जब वो पावर में थे तो शक्ति से उन सबको कुचले का काम किया।