सिटी पोस्ट लाइव
पटना: राजद के युवराज तेजस्वी यादव आज बहुत गुस्से में थे। बीजेपी नेताओं को काफ़ी भला-बुरा बोल रहे थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी जमकर खरी-खोटी सुनाई, लेकिन पत्रकारों ने जैसे ही पंडित धीरेंद्र शास्त्री बागेश्वर बाबा के बारे में सवाल किया, तो बागेश्वर बाबा का नाम सुनते ही तेजस्वी यादव ने दोनों हाथ जोड़ लिए। अभी दो दिन पहले ही खबर आई थी कि तेजस्वी यादव ने आरजेडी विधायक चंद्रशेखर समेत उन सभी राजद नेताओं को फ़टकार लगाई है जो बाबा बागेश्वर के ख़िलाफ़ बोल रहे थे। तेजस्वी यादव ने आरजेडी के सभी विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों को फ़रमान जारी किया था कि कोई भी बाबा बागेश्वर के ख़िलाफ़ कुछ नहीं बोलेगा।
हालांकि, तब किसी को इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि तेजस्वी यादव यूं बाबा बागेश्वर के आगे सरेंडर कर देंगे और बाबा बागेश्वर का नाम सुनते ही हाथ जोड़कर नो कॉमेंट बोलना शुरू कर देंगे। आज तेजस्वी यादव ने भाजपा विधायक हरीभूषण ठाकुर बच्चोंल को क्या-क्या नहीं कहा। बच्चौल को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। कहा कि कौन है ये बच्चौल। क्या बिहार बच्चौल के बाप का है। बच्चौल की हिम्मत कैसे हुई यह कहने की कि होली के दिन मुसलमान घर से बाहर निकले, जब तेजस्वी यादव बच्चौल पर आग उगल रहे थे, तभी एक पत्रकार ने बाबा बागेश्वर से जुड़ा सवाल पूछ दिया कि बाबा बागेश्वर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात कह रहे हैं, इस पर आप क्या कहेंगे, लेकिन कुछ कहना तो दूर।
बाबा बागेश्वर को खरी-खोटी सुनाना तो दूर, तेजस्वी ने बाबा बागेश्वर का नाम सुनते ही हाथ जोड़ लिया। तेजस्वी यादव का हाथ जोड़ना सामान्य बात नहीं है। इससे यह पता चलता है कि बिहार में बाबा बागेश्वर के भक्तों की संख्या कितनी तेज़ी से बढ़ रही है और इसका पूरा अंदाज़ा तेजस्वी यादव को हो गया है। यही वजह है कि तेजस्वी यादव बाबा बागेश्वर के खिलाफ कुछ बोल कर अपनी पार्टी का वोट खराब नहीं करना चाहते। कहा जा रहा है कि बाबा बागेश्वर के भक्त यादव जाति में भरे पड़े हैं। यही वजह है कि तेजस्वी न खुद बाबा बागेश्वर के खिलाफ कुछ बोल रहे हैं और न ही पार्टी के किसी दूसरे नेता को कुछ बोलने दे रहे हैं। तो यह है तेजस्वी की बाबा बागेश्वर के सामने सरेंडर करने के पीछे की अंदर की कहानी।