तेजस्वी यादव के महागठबंधन का बजट भाषण 18 मिनट में खत्म, क्यों हुई इतनी जल्दी?…

Ritu Raj

बिहार की 18वीं विधानसभा के पहले सत्र के पांचवे दिन अनुपूरक बजट को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच पहले से ही तीखी बहस की उम्मीद जताई जा रही थी। सत्ता पक्ष इसे राज्य की विकासोन्मुख जरूरत बताते हुए पेश करेगा, जबकि विपक्ष इसे जनता-विरोधी करार देगा। भाजपा, जदयू, लोजपा, हम और रालोमो सत्ता पक्ष से बहस में शामिल होंगे, वहीं राजद, कांग्रेस, वाम दल, आईआईपी और बसपा विपक्ष का पक्ष रखेंगे।

अनुपूरक बजट पर बहस के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सभी दलों को उनके विधायकों की संख्या के अनुसार समय आवंटित किया। इसके तहत सत्ता पक्ष के विभिन्न सहयोगी दलों को भी उनकी सीट संख्या के आधार पर समय दिया गया। भाजपा को 33 मिनट, जनता दल यूनाइटेड को 31 मिनट, लोक जनशक्ति पार्टी को 6 मिनट, हिंदुस्तानी आवामी मोर्चा को 2 मिनट और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 1 मिनट का वक्त मिला।

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गौरतलब है कि विपक्ष के दलों को भी अनुपूरक बजट पर अपनी बात रखने का समय दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल को 9 मिनट, कांग्रेस और AIMIM को 2-2 मिनट, जबकि सीपीएम, सीपीआई, सीपीआई-एमएल, बसपा और आईआईपी को 1-1 मिनट का अवसर प्रदान किया। इस तरह हर दल को अपनी भूमिका निभाने और अपने दृष्टिकोण को सदन में रखने का मौका मिला।

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