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बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले सियासी बयानबाजी अपने चरम पर पहुँच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक सनसनीखेज आरोप ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है, जिस पर महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने तुरंत पलटवार किया है। चुनावी रण अब केवल विकास के मुद्दों तक सीमित न रहकर, ‘भाषा के कट्टे’ और ‘जवाबों के बाण’ से भरा हुआ है।
मोदी का सनसनीखेज आरोप: “कनपटी पर कट्टा रखकर तेजस्वी को बनाया CM चेहरा”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरा में आयोजित अपनी चुनावी रैली में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के गठबंधन पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं है और आरजेडी ने कांग्रेस की “कनपटी पर कट्टा रखकर” तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कराया।
प्रधानमंत्री ने एनडीए की एकजुटता की बात करते हुए महागठबंधन को आपसी कलह में फंसा बताया। उन्होंने कहा, “नामांकन दाखिल करने से ठीक एक दिन पहले बंद दरवाजों के पीछे गुंडागर्दी चल रही थी। कांग्रेस नहीं चाहती थी कि राजद का मुख्यमंत्री बने, लेकिन राजद ने कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रखकर तेजस्वी को सीएम चेहरा घोषित कराया।”
मोदी ने इस घटना को ‘जंगलराज की वापसी’ का संकेत बताया और आरजेडी के शासन को “कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुसंस्कार, कुशासन और करप्शन” से परिभाषित किया। प्रधानमंत्री के इस ‘कट्टा’ बयान ने बिहार के सियासी पारे को तेज़ कर दिया है।
तेजस्वी का करारा जवाब: “कट्टे की नहीं, जनता के वोट की ताकत पर लड़ रहे हैं”
प्रधानमंत्री के इस तीखे हमले पर तेजस्वी यादव ने तुरंत और कड़ा जवाब दिया। पटना एयरपोर्ट से चुनावी प्रचार के लिए रवाना होते समय तेजस्वी ने पत्रकारों से कहा, “प्रधानमंत्री जी बिहार में आते हैं तो कट्टे की बात करते हैं, गुजरात में होते हैं तो फैक्ट्री की बात करते हैं। यह बताता है कि उनकी सोच कैसी है। जैसी जिसकी भावना होती है, उसकी भाषा भी वैसी होती है।”
तेजस्वी ने सीधे पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जनता की ताकत से बनता है, किसी की धमकी से नहीं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अच्छी तरह जानती है कि नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री नहीं बनने वाले हैं, इसलिए वे अब भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि महागठबंधन जनता के साथ है और परिवर्तन “कट्टे की नोक” से नहीं, बल्कि जनता के वोट की ताकत से होगा।
कांग्रेस ने भी आरोपों को किया खारिज
प्रधानमंत्री के आरोपों पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी मोर्चा संभाला। उन्होंने इन बयानों को झूठा और भ्रामक बताया। खरगे ने कहा, “प्रधानमंत्री जो कह रहे हैं वह पूरी तरह झूठ है। किसी को बंदूक की नोक पर मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। कांग्रेस ने ऐसा कभी नहीं किया।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पास अब कहने को कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह मनगढ़ंत कहानियाँ गढ़ रहे हैं।
यह सियासी टकराव अब सिर्फ विचारों की लड़ाई नहीं, बल्कि प्रतीकों का युद्ध बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी ‘जंगलराज’ और ‘कट्टा’ को अस्थिरता के प्रतीक के रूप में पेश कर रहे हैं, वहीं तेजस्वी यादव खुद को ‘जनता का चेहरा’ बताकर ‘जनता की ताकत’ और ‘परिवर्तन’ का भावनात्मक प्रतीक बना रहे हैं। चुनावी मैदान में यह वाक्यों के शस्त्रों का युद्ध यह तय करेगा कि बिहार की जनता किस प्रतीक पर भरोसा करती है।