बिहार सरकार के 38 जिलों के जिलाधिकारियों (DM) द्वारा सार्वजनिक किए गए संपत्ति के ब्योरों का विश्लेषण करने पर दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं। यह रिपोर्ट पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसमें 34 जिलों के डीएम की आर्थिक स्थिति का लेखा-जोखा दिया गया है।
सबसे अमीर डीएम;
संपत्ति के मामले में वैशाली की डीएम वर्षा सिंह सबसे आगे हैं। उनके और उनके पति के पास महाराष्ट्र में 40 करोड़ रुपए से अधिक की जमीन है। वह खुद हुंडई क्रेटा का उपयोग करती हैं, जबकि उनके पति के पास केवल एक स्कूटी है। साथ ही बेगूसराय के डीएम श्रीकांत शास्त्री के पास 1.14 एकड़ कृषि भूमि है, वहीं खगड़िया के डीएम नवीन कुमार के पास पटना में दो फ्लैट हैं।
सोने और चांदी का मोह;
बिहार के डीएम और उनके परिवारों के पास कुल मिलाकर 23 किलो से अधिक सोना है। निखिल धनराज (मुंगेर) के पास सबसे ज्यादा सोना है। पति-पत्नी के पास कुल 2.65 किलो गहने और 1.3 किलो डिजिटल गोल्ड है। और अभिलाषा शर्मा (औरंगाबाद) के पास 2.11 किलो सोना-चांदी के आभूषण हैं। वहीं, नवदीप शुक्ला (बांका) और उनकी पत्नी के पास मिलाकर 1.7 किलो सोना है। अंशुल कुमार (पूर्णिया) दंपति के पास कुल 1.2 किलो सोने के गहने हैं।
सादगी और गाड़ियाँ;
जहाँ एक तरफ करोड़ों की संपत्ति है, वहीं दूसरी तरफ कुछ डीएम सादगी भरा जीवन या पुरानी गाड़ियों का शौक रखते हैं। रिची पांडे (सीतामढ़ी) के पास एक सेकंड हैंड ऑडी कार है। बता दें कि कुंदन कुमार (नालंदा) टाटा इंडिका कार के मालिक हैं। स्वर्ण प्रभात (शिवहर) के नाम पर केवल एक बाइक दर्ज है।
शून्य संपत्ति और कम नकदी;
रिपोर्ट में कुछ ऐसे नाम भी हैं जिनके पास अपनी कोई अचल संपत्ति नहीं है। वैभव श्रीवास्तव (सारण) के पास न घर है, न जमीन, न गहने और न ही कैश। इनकी पत्नी के खाते में भी मात्र ₹30,951 हैं। अमरीशा बैंस (अरवल) के पास भी कोई अचल संपत्ति (जमीन-मकान) नहीं है। पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन और दरभंगा के डीएम कौशल कुमार की पत्नियों के पास घोषणा के अनुसार ₹1 भी नकद नहीं है।
पत्नियाँ हैं ज्यादा धनवान;
बिहार के कई प्रशासनिक अधिकारियों के मामले में उनकी पत्नियाँ उनसे अधिक अमीर हैं। पवन कुमार सिन्हा (गोपालगंज) की पत्नी अपने पति से ज्यादा संपत्ति की मालकिन हैं। रवि प्रकाश (नवादा) की पत्नी के पास 90 लाख रुपए के गहने हैं।