बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने बस किराये में 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव बिहार सरकार के परिवहन विभाग को सौंप दिया है। यदि फरवरी में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो मार्च से ही पटना की सिटी बसों से लेकर राज्य के विभिन्न जिलों तक जाने वाली लंबी दूरी की बसों का सफर महंगा हो जाएगा। यह बदलाव होली से ठीक पहले लागू होने की संभावना है, जिससे त्योहारी सीजन में घर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।
बढ़ोतरी का मुख्य कारण;
BSRTC ने आखिरी बार 2021 में बस किराये में संशोधन किया था। पिछले चार सालों में डीजल और सीएनजी की कीमतों में तेज उछाल आया है, साथ ही बसों के रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स और अन्य संचालन खर्चों में भी काफी वृद्धि हुई है। निगम का कहना है कि इन बढ़ती लागतों के कारण 15% तक की बढ़ोतरी जरूरी हो गई है, ताकि सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें।
BSRTC की बसें और प्रभाव;
निगम वर्तमान में कुल 525 बसों का संचालन कर रहा है:
400 बसें लंबी दूरी के रूटों पर (ज्यादातर डीजल)।
125 बसें पटना सिटी और आसपास के क्षेत्रों में (जिनमें 112 सीएनजी और 12 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं)।
पटना सिटी बसों में प्रस्तावित नया किराया;
शहर के भीतर चलने वाली बसों में ₹1 से ₹5 तक की मामूली बढ़ोतरी प्रस्तावित है:
– न्यूनतम किराया: सीएनजी/नॉन-एसी बसों में ₹6 से बढ़कर ₹7।
– इलेक्ट्रिक बसों में ₹10 से बढ़कर ₹12।
– प्रमुख रूट जैसे करगिल चौक से दानापुर स्टेशन: ₹35 से बढ़कर ₹40।
– बाहरी रूट: बिहटा पर करीब ₹9 और पालीगंज पर करीब ₹12 तक की वृद्धि।
लंबी दूरी के रूटों पर प्रस्तावित बढ़ोतरी (पटना से);
1) रक्सौल: ₹44 (सबसे ज्यादा बढ़ोतरी)।
2) मुजफ्फरपुर/दरभंगा: ₹17 से ₹40 के बीच।
3) समस्तीपुर: ₹17 (न्यूनतम बढ़ोतरी)।
4) सीतामढ़ी/मधुबनी/जयनगर: ₹25 से ₹40।
5) बिहारशरीफ/नवादा: ₹17 से ₹30।