सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस नेताओं को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा। कटिहार जिले के बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र के आबादपुर गांव में कांग्रेस सांसद तारिक अनवर और विधायक महबूब आलम को ग्रामीणों ने गांव में घुसने से रोक दिया। ग्रामीणों ने नेताओं के सामने साफ कहा – “पहले 5 साल का हिसाब दीजिए, फिर वोट मांगिए।”
महागठबंधन के उम्मीदवार के समर्थन में पहुंचे दोनों नेता जब गांव के भीतर जाने लगे, तो ग्रामीणों ने रास्ता रोक लिया। बताया जाता है कि दोनों नेताओं ने लोगों को समझाने की कोशिश की, मगर भीड़ एक सुर में जवाब देती रही – “अबकी बार सवाल हमारा, जवाब आपका।”
कुछ देर में भीड़ से नारे गूंजने लगे — “पहले काम बताओ, फिर वोट पाओ।” इस दौरान माहौल काफी गर्म हो गया और लोगों ने नेताओं को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी सत्यता की पुष्टि सीटीपोस्ट लाइव नहीं करता है।
ग्रामीणों का आरोप था कि चुनाव के समय नेता आते हैं, लेकिन जीत के बाद क्षेत्र की सुध नहीं लेते। एक ग्रामीण ने सवाल उठाया, “आबादपुर आज तक प्रखंड क्यों नहीं बना? अस्पताल में डॉक्टर क्यों नहीं हैं?” वहीं, विधायक महबूब आलम ने मुस्कुराते हुए कहा, “क्या आप लोग हमें घेर रहे हैं?” जवाब में भीड़ से आवाज आई, “पांच साल में यही तो एक दिन मिलता है जब हम सवाल कर सकें। आज जवाब आपको देना होगा।”
इस पूरी घटना के दौरान सांसद तारिक अनवर चुपचाप ग्रामीणों की बातें सुनते रहे और कुछ समय बाद दोनों नेता बिना प्रचार किए ही गांव से लौट गए। यह घटना दर्शाती है कि इस बार बिहार के मतदाता नेताओं से जवाबदेही की मांग के मूड में हैं और बिना काम के वोट देने को तैयार नहीं।