बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। पहले चरण की वोटिंग पूरी हो चुकी है और अब सबकी निगाहें 11 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण और 14 नवंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। सुबह 8 बजे से शुरू होने वाली गिनती के लिए चुनाव आयोग ने राज्यभर में कड़े सुरक्षा और पारदर्शी इंतजाम किए हैं। मुजफ्फरपुर सहित सभी जिलों में स्ट्रांग रूम सील कर दिए गए हैं और तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बना दिया गया है ताकि नतीजों तक किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतगणना की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रहे, इसके लिए सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। स्ट्रांग रूम में ईवीएम मशीनों को उच्चतम सुरक्षा मानकों के तहत रखा गया है, जहां प्रवेश केवल अधिकृत अधिकारियों और उम्मीदवारों के एजेंटों को ही मिलेगा। हर प्रवेश बिंदु पर कड़ी तलाशी की व्यवस्था की गई है, जबकि पूरे परिसर की निगरानी दर्जनों सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। वहीं, जिलों में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मतगणना के दिन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। मतगणना केंद्रों पर बिजली, इंटरनेट, संचार और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की बार-बार समीक्षा की जा रही है ताकि किसी भी स्तर पर तकनीकी या प्रबंधन से जुड़ी चूक न हो। जानकारी के मुताबिक, 14 नवंबर की सुबह 8 बजे से गिनती शुरू होगी और करीब 8:30 बजे तक शुरुआती रुझान सामने आने लगेंगे। बूथों की संख्या के आधार पर सबसे पहले सकरा और मीनापुर विधानसभा क्षेत्रों की गिनती पूरी होने की संभावना है। वहीं मुजफ्फरपुर और गायघाट सीटों की गिनती अंतिम चरण में पूरी होगी। सभी नतीजों की आधिकारिक घोषणा चुनाव आयोग द्वारा चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
मतगणना की शुरुआत सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती से होगी, जो रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) की टेबल पर की जाएगी। इसके बाद ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू होगी। सकरा और मीनापुर जैसे क्षेत्रों में बूथों की संख्या कम होने के कारण करीब 25 राउंड में गिनती पूरी हो जाएगी, जबकि मुजफ्फरपुर और गायघाट में यह प्रक्रिया लगभग 30 राउंड तक चलेगी। जिला प्रशासन और चुनाव आयोग पूरी सतर्कता के साथ मतगणना की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। उद्देश्य यह है कि पूरे बिहार में परिणाम प्रक्रिया निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो, ताकि 14 नवंबर की शाम तक राज्य के नए राजनीतिक समीकरण साफ दिखाई देने लगें।