कौन हैं अमित कात्याल? तेजस्वी यादव के ठिकाने से जुड़े कारोबारी पर हुई कार्रवाई…

Ritu Raj

लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के बेहद करीबी समझे जाने वाले बिजनेसमैन अमित कात्याल पर ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। 300 करोड़ रुपए से अधिक के कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग केस में पकड़े गए कात्याल को जांच एजेंसियां सिर्फ एक कारोबारी नहीं, बल्कि लालू परिवार का ‘फाइनेंशियल मैनेजर’ बताती हैं। उनकी गिरफ्तारी से बिहार की सियासत में अचानक हलचल तेज हो गई है।

दिल्ली के रियल एस्टेट कारोबारी अमित कात्याल का नाम लंबे समय से कई कंपनियों से जुड़ा रहा है, जिनमें Angle Infrastructure Pvt. Ltd. और AK Infosystem Pvt. Ltd. प्रमुख हैं। ईडी का आरोप है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल जमीन खरीद-फरोख्त और पैसों की हेरफेर कर उन्हें वैध दिखाने के लिए किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, कात्याल सिर्फ एक कारोबारी नहीं, बल्कि लालू प्रसाद यादव के परिवार के बेहद भरोसेमंद व्यक्ति रहे हैं। ईडी के दस्तावेजों के मुताबिक, AK Infosystem नाम की कंपनी पहले अमित कात्याल के नियंत्रण में थी, लेकिन बाद में इसे लालू परिवार से जुड़े लोगों को ट्रांसफर कर दिया गया। इस मामले में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, उनकी बेटियां और अमित कात्याल सह-आरोपी के रूप में नामित हैं। ईडी इस केस में पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। साथ ही जांच एजेंसी का दावा है कि कात्याल का तेजस्वी यादव से भी गहरा संपर्क रहा है और वह उनके लिए कई वित्तीय लेनदेन संभालता था। ईडी के अनुसार, कुछ रकम तेजस्वी यादव से जुड़े खातों और रियल एस्टेट ट्रांजैक्शन्स में भी प्रवाहित हुई, जिसके बाद एजेंसी ने इस वित्तीय नेटवर्क की गहन जांच शुरू की। कात्याल की गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे मामले में राजनीतिक और कानूनी हलचल और बढ़ने के आसार हैं।

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न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी का लगभग 150 करोड़ की कीमत वाला यह बंगला अब ईडी की जांच का अहम केंद्र बन गया है। एजेंसी का दावा है कि इसी संपत्ति के जरिए फर्जी लेनदेन और बेनामी निवेश की कड़ी मजबूत होती है। जिस घर में तेजस्वी यादव के रुकने की बात कही जाती है, वही अब राजनीतिक और कानूनी विवादों का सबसे बड़ा विषय बन चुका है। दिल्ली पुलिस की EOW से ट्रांसफर होकर ईडी के हाथों में पहुंची यह जांच कई नए खुलासों की ओर इशारा कर रही है। जमीन खरीद, कंपनी ट्रांसफर और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के इस जाल में अमित कात्याल की भूमिका कितनी गहरी है। यह आने वाले दिनों में एजेंसियों की पूछताछ और छापेमारी से तस्वीर और साफ हो सकती है।

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