बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज दोपहर 12:15 बजे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे, जिसके बाद राज्य में सत्ता के समीकरण पूरी तरह बदलने वाले हैं।

दिल्ली में बीजेपी कोर ग्रुप की बड़ी बैठक;
बिहार के अगले मुख्यमंत्री के चयन को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में कोर ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बैठक की कमान संभालेंगे। बैठक में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, बिहार प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय जैसे दिग्गज शामिल होंगे। श्रेयसी सिंह को भी विशेष रूप से दिल्ली बुलाया गया है। बैठक में एक ऐसे चेहरे पर मंथन होगा जिस पर सबकी सहमति हो और जो संगठन को मजबूती दे सके।

क्या है संभावित शेड्यूल?
| तिथि | संभावित घटनाक्रम |
| 10 अप्रैल | नीतीश कुमार का राज्यसभा शपथ ग्रहण। |
| 11 अप्रैल | नीतीश कुमार की पटना वापसी। |
| 12-13 अप्रैल | NDA के घटक दलों द्वारा अपने-अपने नेता का चयन। |
| 14 अप्रैल | NDA विधायक दल के नेता का औपचारिक ऐलान और नीतीश कुमार का इस्तीफा। |
| 15 अप्रैल | नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह। |
चर्चा में नए नाम;
एक तरफ जहाँ दिल्ली में बड़े नामों पर चर्चा हो रही है, वहीं ज़मीनी स्तर पर भी कुछ नाम तेजी से उभर रहे हैं। गया में RSS से जुड़े अभय गिरी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। उनके समर्थकों ने मां मंगलागौरी मंदिर में विशेष हवन और पूजा-अर्चना कर उनके नाम की दावेदारी पेश की है।
निष्कर्ष और वर्तमान स्थिति;
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने स्पष्ट किया है कि नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ही आगे का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होते ही और 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र से ठीक पहले, 15 अप्रैल का दिन बिहार की नई सरकार के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है।