बांका सांसद गिरधारी यादव की कुर्सी जाएगी? चुनाव आयोग और पार्टी के खिलाफ बयानबाजी पड़ी भारी, JDU ने की बड़ी कार्रवाई…

Ritu Raj

बांका से जदयू सांसद गिरधारी यादव पर पार्टी के भीतर ही कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। लोकसभा में जदयू के नेता दिलेश्वर कामत ने स्पीकर से उन्हें अयोग्य ठहराने की अपील की है। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप लगाया गया है।

दिलेश्वर कामत का कहना है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान गिरधारी यादव ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर अपने बेटे को राजद के टिकट पर चुनाव लड़वाया और उसके समर्थन में प्रचार भी किया। इससे पहले भी उनके कई कदम पार्टी अनुशासन के खिलाफ बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि जदयू पहले ही गिरधारी यादव को कारण बताओ नोटिस जारी कर चुका है। यह नोटिस SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद भेजा गया था। पार्टी ने उनके बयान को अनुशासनहीनता मानते हुए जवाब मांगा था और चेतावनी दी थी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा, ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान बांका में आयोजित कार्यक्रम में उनकी अनुपस्थिति ने भी पार्टी के भीतर सवाल खड़े किए थे।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

SIR को लेकर गिरधारी यादव ने बयान दिया था कि जब लोकसभा चुनाव की वोटर लिस्ट सही थी, तो कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव के लिए वह गलत कैसे हो सकती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि क्या वे खुद गलत वोटर लिस्ट के आधार पर सांसद बने हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने चुनाव आयोग के समय को लेकर भी सवाल खड़े किए थे। उनका कहना था कि जब राज्य बाढ़ की समस्या से जूझ रहा है, उस समय SIR की प्रक्रिया शुरू करना उचित नहीं है और इसे चुनाव से काफी पहले पूरा कर लेना चाहिए था। इन्हीं बयानों को पार्टी ने आपत्तिजनक मानते हुए कहा था कि जदयू हमेशा चुनाव आयोग का समर्थन करता रहा है, लेकिन इस तरह की टिप्पणी से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है। साथ ही, उनके बेटे चाणक्या प्रकाश रंजन ने राजद के टिकट पर बेलहर से चुनाव लड़ा था, जिसे भी पार्टी विरोधी कदम माना जा रहा है। अब इन सभी मुद्दों को आधार बनाकर पार्टी के भीतर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

Share This Article