सिटी पोस्ट लाइव : क्या बिहार में पुलिस का ईकबाल ख़त्म हो गया है? ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि लगातार पुलिस पर हमले हो रहे हैं.पुलिसवाले मारे जा रहे हैं. अररिया, मुंगेर, पटना के बाद अब भागलपुर जिले में अंतीचक थाने के पुलिसकर्मियों पर शनिवार रात ग्रामीणों द्वारा किये गये हमले में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गये हैं.अंतीचक थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार ने बताया कि पुलिस टीम रात के समय गश्त के लिए निकली थी.उन्होंने बताया कि माधव रामपुर हरि चक गांव के पास बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद ग्रामीणों के दो गुट आपस में झगडा कर रहे थे.
गांव में झगड़ा होते देख पुलिस टीम उसे रोकने के लिए वहां ठहरी. लेकिन तब तक पुलिस को देख ग्रामीणों ने उनपर पथराव करना शुरू कर दिया. अधिकारी ने बताया कि इस हमले में गश्ती दल में शामिल पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए और पथराव में पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया.थानाध्यक्ष ने बताया की हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.सभी घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है. प्रतिनियुक्ति दंडाधिकारी संजीव चौधरी के बयान के आधार पर 24 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.
इससे पहले मुंगेर में डायल 112 की ड्यूटी पर तैनात ASI संतोष कुमार की उस वक्त हत्या कर दी गई, जब वो दो गुटों का विवाद सुलझाने गए थे. इसी दौरान तेज धार वाले हथियार से उनक सिर पर कई बार वार किया गया. इससे कुछ दिन पहले अररिया में एक अपराधी को छुड़ाने के दौरान धक्का मुक्की में दारोगा राजीव रंजन की मौत हो गई थी. एक बड़े पुलिस अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि ज्यादातर अपराधिक मामले एक खास जाति समुदाय से जुड़े लोग कर रहे हैं.शराब के अवैध कारोबार से लेकर जमीन हडपने का काम कर रहे हैं.पुलिस टीम पर हमला बोल रहे हैं.पुलिस किसी जाति विशेष के खिलाफ अभियान चला नहीं सकती.लेकिन अपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे लोगों के खिलाफ कारवाई हो रही है तो भी गलत संदेश जा सकता है