पटना में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अब नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी करना महंगा पड़ने वाला है। नगर निगम ने हाई-रेजोल्यूशन कैमरों के जरिए ऑटोमेटिक चालान सिस्टम शुरू कर दिया है, जिसके तहत शहर के किसी भी नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा होते ही ICCC सेंटर से नंबर प्लेट स्कैन कर चालान तुरंत जनरेट हो जाएगा।
शनिवार को ICCC की मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए कुल 53 ऑटोमेटिक चालान जारी किए गए। पूरी प्रक्रिया डिजिटल है और इसमें किसी तरह का मानव हस्तक्षेप नहीं होता। जिन स्थानों पर ANPR कैमरे नहीं लगे हैं, वहां सर्विलांस कैमरों की तस्वीरों के आधार पर चालान जनरेट किए जा रहे हैं। चालान की सूचना तुरंत वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेज दी जाती है। वहीं, पटना के व्यस्त रूट्स पर विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है। नेहरू पथ, बोरिंग रोड, कंकड़बाग, राजा बाजार, एक्जीबिशन रोड, फ्रेजर रोड, पटना जंक्शन और गांधी मैदान इलाके सहित शहर की तमाम प्रमुख सड़कों पर अवैध पार्किंग पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि ट्रैफिक जाम पर नियंत्रण और आवागमन को सुचारू बनाया जा सके।
दरअसल, नई न्यूनतम मजदूरी दरों से नगर निगम के हजारों दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स श्रमिकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। अलग-अलग श्रेणियों में हुई यह बढ़ोतरी न केवल उनकी आय बढ़ाएगी बल्कि कार्य संतोष और स्थिरता भी सुनिश्चित करेगी। नगर निगम का कहना है कि बेहतर सेवाओं के लिए श्रमिकों को उचित पारिश्रमिक देना उनकी प्राथमिकता है।