सिटी पोस्ट लाइव :चंदन मिश्रा हत्याकांड में शूटर तौसीफ बादशाह से 72 घंटे की पूछताछ में भी पुलिस ये पता नहीं कर पाई है कि मर्डर में इस्तेमाल किए गए हथियार कहाँ है.तौसीफ के अनुसार बलवंत ने सभी शूटर्स को हथियार दिए थे.घटना के बाद बलवंत ने सारे हथियार वापस ले लिए थे. पुलिस ने PMCH में तौसीफ और बलवंत को आमने सामने बैठाकर पूछताछ भी की. फिर भी घटना में शामिल हथियार का सुराग नहीं मिल सका.अब पुलिस बलवंत के ठीक होने पर उससे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है.
गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या के बाद तौसीफ अपने मौसेरे भाई निशु खान के साथ कोलकाता भागा था.कोलकाता जाने के दौरान उनकी गाड़ी में तेल नहीं था.रास्ते में उनके खाते में पुरूलिया जेल में बंद गैंगस्टर शेरू के आदमी ने तेल भरवाने के लिए लगभग 9000 रुपए भेजे थे.सुपारी की रकम लेने शूटर्स कोलकाता गये थे.लेकिन जिस दिन सुपारी की रकम मिलने थी, उसी दिन पुलिस ने सभी को कोलकाता से पकड़ लिया.
तौसीफ ने पटना से कोलकाता भागने के दौरान अपनी बहन को 3 मोबाइल फोन तोड़कर बहन को इसे ठिकाने लगाने के लिए दिया था लेकिन लेकिन पुलिस ने उन्हें जब्त कर लिया.घटना से ठीक एक दिन पहले दो शूटर्स बेली रोड के पिलर नंबर 42 के पास आदर्श होटल में ठहरे थे. पुलिस को इस बारे में जानकारी मिलते ही होटल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया. जिसमें दोनों शूटर्स दिखे.पुलिस की पूछताछ में तौसीफ ने बताया कि हर रोज बलवंत सभी शूटरों को पैसों का लालच देता था. वह कहता था कि सभी को समय पर पूरी रकम मिल जाएगी.
तौसीफ के अनुसार, जेल में बंद शेरू ने वारदात के बाद सभी को बिहार के रास्ते नेपाल भाग जाने की सलाह दी थी. उसे लगता था कि दूसरे देश में पुलिस आरोपियों को पकड़ने नहीं पहुंचेगी.किसी भी हाल में शेरू इस घटना में खुद का नाम नहीं आने देना चाहता था. इसलिए वो चाहता था कि शूटर्स पकड़े न जाएं.पुलिस को शक है कि, चंदन मिश्रा के गुर्गों को ये शक था कि गैंगस्टर पर अटैक हो सकता है. इसलिए चंदन मिश्रा के कुछ लोग अस्पताल के आस-पास ही ठहरे थे. शास्त्री नगर थाना की पुलिस के पारस अस्पताल में होने की सूचना भी चंदन मिश्रा के लोगों ने दिया था.लेकिन पुलिस ने सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की.हत्या होने के तुरत बाद चंदन के लोग अस्पताल पहुँच गये थे.